तिरुवनंतपुरम। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) ने दिल्ली में विपक्षी नेताओं और सांसदों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में राज्यभर में ‘काला दिवस’ मनाने का ऐलान किया है। केपीसीसी के संगठनात्मक महासचिव नेय्यात्तिनकारा सनल ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के आह्वान पर राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
कांग्रेस के अनुसार, दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं, सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के विरोध में यह कार्यक्रम किया जा रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ पुलिस का व्यवहार कठोर और मनमाना था।
नेय्यात्तिनकारा सनल ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन समेत अन्य नेताओं और सांसदों ने लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण विरोध में हिस्सा लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी इस कार्रवाई के विरोध में पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करेगी। राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए पुलिस कार्रवाई के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि बल प्रयोग और गिरफ्तारियों के माध्यम से लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस ने कहा कि ऐसे कदमों के खिलाफ वह राजनीतिक और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगी।
सनल ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का विरोध करेगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्यक्रमों में भाग लेने का आह्वान किया।
कांग्रेस के इस फैसले के बाद केरल में राज्य से लेकर स्थानीय स्तर तक विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारी है। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा अभियान बताया है।







