फगवाड़ा। रूस-यूक्रेन युद्ध क्षेत्र में कई महीनों तक फंसे रहने के बाद पटियाला का युवक गगनदीप सिंह सुरक्षित भारत लौट आया। भारत पहुंचने के बाद उसने सुल्तानपुर लोधी स्थित निर्मल कुटिया पहुंचकर राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल का आभार जताया और युद्ध क्षेत्र में बिताए अपने अनुभव साझा किए।
गगनदीप के अनुसार, वह पढ़ाई के सिलसिले में रूस गया था। वहां एक परिचित ने उसे दो लाख रुपये मासिक वेतन का लालच देकर कथित तौर पर रूसी सेना में भर्ती करा दिया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उसे रूस-यूक्रेन युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया। युद्ध क्षेत्र पहुंचने के बाद परिवार से उसका संपर्क भी टूट गया, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई।
परिवार ने मदद के लिए संत बलबीर सिंह सीचेवाल से संपर्क किया। इसके बाद उन्होंने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर गगनदीप की सुरक्षित वापसी के लिए हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने विदेश मंत्री के साथ मुलाकात के दौरान भी मामला उठाया और संसद में रूस में फंसे भारतीय नागरिकों की स्थिति का मुद्दा रखा। प्रयासों के बाद गगनदीप की भारत वापसी संभव हो सकी।
भारत लौटने के बाद गगनदीप ने युद्ध क्षेत्र के अपने अनुभव बताते हुए कहा कि वह यूक्रेन के अंदर तक पहुंच गया था और कीव तक गया। उसने बताया कि बारूदी सुरंग की चपेट में आने से वह घायल हो गया था, जिसके बाद उसे अग्रिम मोर्चे से वापस भेज दिया गया। उसके मुताबिक, युद्ध क्षेत्र में हर दिन जान का खतरा बना रहता था और कई बार उसे लंबे समय तक पर्याप्त भोजन भी नहीं मिल पाता था। उसने बताया कि कुछ मौकों पर उसे पूरे दिन बिस्कुट या टॉफी के सहारे रहना पड़ा।
संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने गगनदीप की सुरक्षित वापसी में सहयोग के लिए विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास का आभार जताया। उन्होंने विदेश जाने वाले युवाओं से नौकरी और अधिक वेतन के आकर्षक प्रस्तावों के झांसे में नहीं आने की अपील की। उन्होंने अभिभावकों से भी विदेश भेजने से पहले वीजा, रोजगार और अन्य दस्तावेजों की पूरी तरह जांच करने को कहा।
गगनदीप की बहन ने बताया कि माता-पिता के निधन के बाद वह दोनों बहनों का इकलौता भाई है। उसके सुरक्षित घर लौटने से परिवार को बड़ी राहत मिली है।







