पटना। जनसुराज के सूत्रधार और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार नीरज कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से सत्ता और विधान परिषद में रहे नेताओं को इस बार शिक्षकों और स्नातकों के सवालों का जवाब देना होगा। प्रशांत किशोर ने नीरज कुमार की चुनावी हार का दावा करते हुए उनके कार्यकाल पर भी सवाल उठाए।
जनसुराज की पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की उम्मीदवार डॉ. दिव्या ज्योति के नामांकन के अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि नीरज कुमार लंबे समय से विधान पार्षद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों के लिए सातवें वेतनमान की मांग को पूरा कराने में नीरज कुमार ने प्रभावी भूमिका नहीं निभाई। प्रशांत किशोर ने सवाल उठाया कि ऐसे में वह शिक्षकों और स्नातकों के बीच किस आधार पर वोट मांगेंगे।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी चुनौती दी कि यदि वह सार्वजनिक रूप से नीरज कुमार के पक्ष में मतदान की अपील कर दें तो जनसुराज अपने उम्मीदवार को चुनाव मैदान से हटा लेगा। प्रशांत किशोर ने कहा कि शिक्षकों और स्नातकों से जुड़े कई मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं और चुनाव में इन सवालों पर चर्चा होना जरूरी है।
जनसुराज के सूत्रधार ने शिक्षक सम्मान और वेतनमान को प्रमुख चुनावी मुद्दा बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी विधान परिषद में जीत हासिल करती है तो लोकसभा चुनाव से पहले शिक्षकों को सातवां वेतनमान दिलाने के लिए प्रयास करेगी। उन्होंने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत की स्थिति में 10 हजार शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने का दावा भी किया।
प्रशांत किशोर ने कहा कि जनसुराज पूरी संगठनात्मक ताकत के साथ विधान परिषद चुनाव लड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी जनसुराज के उम्मीदवारों का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के बीच शिक्षा, रोजगार, वेतनमान और शिक्षकों की गरिमा जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठ रहे हैं।
जनसुराज ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. दिव्या ज्योति और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अनुज सिंह को उम्मीदवार बनाया है। पटना स्नातक सीट पर अनुज सिंह का मुकाबला जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार से है। बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए मतदान और मतगणना की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी।







