सासाराम। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख एवं राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान यदि विपक्ष ने नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया होता, तो विपक्ष की स्थिति अधिक मजबूत हो सकती थी।
सासाराम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कुशवाहा ने कहा कि एक समय नीतीश कुमार विपक्षी गठबंधन के साथ थे। उनके अनुसार, उस दौरान यदि विपक्षी दलों की ओर से नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाता, तो इसका राजनीतिक लाभ विपक्ष को मिल सकता था। यह कुशवाहा का राजनीतिक आकलन है।
कुशवाहा ने कहा कि विपक्ष के पास उस समय एक ऐसा अवसर था, जिसका इस्तेमाल किया जा सकता था। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावी मुकाबले में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बाद कांग्रेस को रणनीति पर विचार करने की बात याद आती है। उनके मुताबिक, उस समय जो अवसर था, वह अब बीत चुका है और बाद में पछताने से कोई लाभ नहीं होगा।
RLM प्रमुख ने कहा कि नीतीश कुमार का विपक्षी गठबंधन के साथ रहना उस समय राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय था। उनके मुताबिक, विपक्षी दल यदि उस समय साझा नेतृत्व को लेकर स्पष्ट फैसला करते और नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद के चेहरे के तौर पर आगे करते, तो गठबंधन की राजनीतिक स्थिति अलग हो सकती थी।
उपेंद्र कुशवाहा के बयान में कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले राजनीतिक दलों को अपने नेतृत्व और रणनीति को लेकर स्पष्टता के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उनके अनुसार, चुनावी परिणाम सामने आने के बाद रणनीतिक फैसलों पर चर्चा करने की बजाय समय रहते अवसरों का इस्तेमाल करना अधिक महत्वपूर्ण होता है।
गौरतलब है कि उपेंद्र कुशवाहा वर्तमान में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख हैं और राज्यसभा सांसद हैं। उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा है। इससे पहले भी वह बिहार की राजनीति और नीतीश कुमार की भूमिका को लेकर अपने विचार सार्वजनिक रूप से रखते रहे हैं।







