सासाराम। रोहतास जिले के शिवसागर प्रखंड के घटीकन गांव निवासी बीएसएफ जवान राजनाथ पासवान का ड्यूटी के दौरान असम में निधन हो गया। जवान का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचते ही अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े। नम आंखों के साथ लोगों ने अपने वीर जवान को अंतिम विदाई दी।
जानकारी के अनुसार राजनाथ पासवान सीमा सुरक्षा बल की 75वीं बटालियन में तैनात थे और असम के घोलचेरा सिल्वर क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे थे। ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया। जवान की मौत की सूचना मिलते ही घटीकन गांव में शोक की लहर फैल गई और परिवार के साथ पूरे गांव में मातम का माहौल बन गया।
बीएसएफ जवान जब राजनाथ पासवान के पार्थिव शरीर को लेकर उनके पैतृक गांव पहुंचे तो बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर जमा हो गए। लोगों ने तिरंगे में लिपटे जवान के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पूरा वातावरण गमगीन रहा। ग्रामीणों की आंखों में अपने लाल को खोने का दुख था, वहीं देश की सेवा करते हुए जवान के निधन पर गर्व का भाव भी नजर आया।
बीएसएफ के जवानों और अधिकारियों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ अपने साथी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे। लोगों ने राजनाथ पासवान के योगदान को याद करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
परिजनों के लिए जवान का अचानक निधन बेहद दुखद और सदमे भरा है। ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने और निधन की खबर ने परिवार को झकझोर कर रख दिया। गांव के लोगों ने कहा कि राजनाथ पासवान ने देश की सुरक्षा के लिए अपनी सेवाएं दीं और उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
जवान के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं। ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपने गांव के जवान को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी और उनकी शहादत एवं देशसेवा को नमन किया।







