चेन्नई: तमिलनाडु में समाज सुधारक पेरियार ई.वी. रामासामी की 148वीं जयंती पर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय, डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन, विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन और एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी समेत विभिन्न दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने सामाजिक न्याय, तर्कवाद, आत्मसम्मान और समानता के क्षेत्र में पेरियार के योगदान को याद किया।
चेन्नई में अन्ना सालै स्थित पेरियार की प्रतिमा पर विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर और मंत्रियों ने माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन और विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने भी वरिष्ठ नेताओं के साथ पेरियार की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि पेरियार ने आत्मसम्मान, सामाजिक न्याय और तर्कवाद के विचारों को आगे बढ़ाने के साथ जाति और धार्मिक भेदभाव के खिलाफ काम किया। उन्होंने पेरियार के सिद्धांतों के अनुरूप समान अवसर और आत्मसम्मान पर आधारित समाज के निर्माण का संकल्प व्यक्त किया।
एम.के. स्टालिन ने कहा कि पेरियार ने तमिलों की आने वाली पीढ़ियों को सम्मान के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सामाजिक वर्चस्व के विभिन्न रूपों को पहचानने और उन्हें चुनौती देने की जरूरत बताई तथा तर्कवाद और सवाल करने की भावना को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने भी पेरियार को श्रद्धांजलि देते हुए उनके सामाजिक असमानता, जातिगत वर्चस्व और अंधविश्वास के खिलाफ संघर्ष को याद किया। उन्होंने आत्मसम्मान, तर्कवाद, समानता और सामाजिक न्याय से जुड़े उनके विचारों का उल्लेख किया।







