
भभुआ/रामगढ़: कैमूर के रामगढ़ थाना क्षेत्र में आर्मी जवान शत्रुघ्न यादव को स्कॉर्पियो में बंद कर जलाने के प्रयास का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घायल जवान का इलाज लखनऊ स्थित आर्मी अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
मामले में पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए तीन लोगों को पीआर बॉन्ड पर छोड़े जाने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। शुक्रवार को जवान की पत्नी बिंदु कुमारी सिंह के साथ करीब 70 ग्रामीण भभुआ पहुंचे और डीआईजी हरप्रीत कौर तथा एसपी शिखर चौधरी से मुलाकात की। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
ग्रामीणों ने घटनास्थल के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की गहन जांच कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि घटना से जुड़े सभी साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
पुलिस के अनुसार मामले में कई साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पीआर बॉन्ड पर छोड़े गए लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसपी शिखर चौधरी ने कहा कि जांच में जिस किसी की भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।







