कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने भारतीय रेलवे वित्त निगम (IRFC) के शानदार वित्तीय प्रदर्शन की सराहना की है। उन्होंने कहा कि निगम ने वित्त वर्ष 2025-26 में कर पश्चात 7,000 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफा अर्जित कर नई उपलब्धि हासिल की है।
शांता कुमार ने कहा कि जब कई सरकारी निगम आर्थिक चुनौतियों और घाटे से जूझ रहे हैं, ऐसे समय में IRFC का बेहतर वित्तीय प्रदर्शन एक मिसाल है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में निगम ने रिकॉर्ड लाभ के साथ अपनी संपत्ति बढ़ाकर करीब 85,000 करोड़ रुपये कर ली है।
उन्होंने IRFC के जीरो-एनपीए को भी बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि करीब चार दशक पुराने निगम के इतिहास में यह महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसके अलावा निगम का पूंजी पर्याप्तता अनुपात 110.91 प्रतिशत रहा, जो उसके मजबूत वित्तीय प्रदर्शन को दर्शाता है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने इस सफलता का श्रेय IRFC के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार दुबे के नेतृत्व को दिया। उन्होंने बताया कि दुबे ने अक्टूबर 2024 में निगम के सीएमडी का पद संभाला था और उनके कार्यकाल में कंपनी को ‘नवरत्न’ का दर्जा मिलने में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई।
शांता कुमार ने कहा कि वित्तीय अनुशासन के साथ जीरो-एनपीए बनाए रखना निगम की कार्यप्रणाली की मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि IRFC के बेहतर प्रदर्शन के मद्देनजर इस वर्ष रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर रिकॉर्ड बोनस दिया गया है।
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि IRFC और मनोज कुमार दुबे को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए औपचारिक रूप से सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के अधीन निगम की यह उपलब्धि देश के लिए गर्व का विषय है।







