Make Makhana Panjiri on Janmashtami, delicious food will be ready without much effort.

जन्माष्टमी स्पेशल रेसिपी: भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाने के लिए घर पर तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं। ऐसे में अगर आप इस जन्माष्टमी पर कुछ स्वादिष्ट, पौष्टिक और आसानी से बनने वाला प्रसाद तैयार करना चाहती हैं, तो मखाना पंजीरी एक बेहतरीन विकल्प है। इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और यह लंबे समय तक आसानी से स्टोर भी की जा सकती है।

सामग्री

  • मखाना – 2 कप
  • देसी घी – 4 बड़े चम्मच
  • पिसी चीनी या बूरा – ½ कप
  • नारियल का बुरादा – 2 बड़े चम्मच
  • काजू – 2 बड़े चम्मच
  • बादाम – 2 बड़े चम्मच
  • किशमिश – 1 बड़ा चम्मच
  • मखाने का पाउडर – 2 बड़े चम्मच
  • हरी इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच
  • काली मिर्च पाउडर – एक चुटकी
  • सूखा मेवा – जरूरत के अनुसार

मखाना पंजीरी बनाने की आसान विधि

1. मखाने भूनें:
सबसे पहले कड़ाही में 2 बड़े चम्मच देसी घी गर्म करें। इसमें मखाने डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक भूनें, जब तक वे पूरी तरह कुरकुरे न हो जाएं। मखाने को ठंडा होने दें।

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2. मखाने तैयार करें:
ठंडे मखानों को मिक्सर में डालकर हल्का दरदरा पीस लें। ध्यान रखें कि इन्हें बिल्कुल बारीक पाउडर न बनाएं, इससे पंजीरी का स्वाद और बनावट अच्छी रहती है।

3. मेवे भूनें:
अब उसी कड़ाही में बचा हुआ घी डालें। इसमें कटे हुए काजू, बादाम, नारियल का बुरादा और किशमिश डालकर हल्का सुनहरा होने तक भून लें।

4. सभी चीजें मिलाएं:
अब भुने हुए मेवों में दरदरे मखाने और मखाने का पाउडर डालें। धीमी आंच पर करीब 1-2 मिनट तक सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाएं। इसके बाद गैस बंद कर दें।

5. मिठास और खुशबू दें:
मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें। इसके बाद इसमें पिसी चीनी या बूरा, इलायची पाउडर और एक चुटकी काली मिर्च डालकर अच्छी तरह मिला दें।

6. तैयार है पंजीरी:
मखाना पंजीरी को पूरी तरह ठंडा होने दें और फिर इसे एयरटाइट डिब्बे में भरकर रख दें। जन्माष्टमी पर इसे भगवान श्रीकृष्ण को भोग के रूप में अर्पित किया जा सकता है।

पंजीरी बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान

मखाने को हमेशा धीमी आंच पर भूनें, ताकि वे अंदर तक कुरकुरे हो जाएं। चीनी या बूरा गर्म मिश्रण में न डालें, क्योंकि इससे मिठास पिघल सकती है और पंजीरी की बनावट खराब हो सकती है। मेवों को भी ज्यादा तेज आंच पर न भूनें, वरना उनका स्वाद कड़वा हो सकता है।

यह मखाना पंजीरी जन्माष्टमी के भोग के साथ-साथ व्रत के दौरान भी एक स्वादिष्ट विकल्प बन सकती है, हालांकि व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री अपनी पारिवारिक या धार्मिक परंपरा के अनुसार चुनें।