सासाराम/चेनारी। शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले विद्यालय की बदहाल तस्वीर चेनारी प्रखंड से सामने आई है। उत्क्रमित मध्य विद्यालय, डोईयां में स्कूल परिसर में मवेशियों को बांधे जाने और कक्षाओं में भूसा व चारा रखे जाने का मामला सामने आया है। विद्यालय परिसर में गंदगी, गोबर और कीचड़ के बीच पशुओं का जमावड़ा होने से स्कूल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर मामला सामने आने के बाद इलाके में इसकी चर्चा तेज हो गई। विद्यालय परिसर में मवेशियों के बंधे होने के साथ-साथ स्कूल के बरामदे और कमरों में भूसा तथा चारा रखे जाने की बात सामने आई है। इससे विद्यालय में पठन-पाठन के माहौल पर भी सवाल उठ रहे हैं। अभिभावकों और ग्रामीणों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि यदि स्कूल परिसर में इस तरह की स्थिति बनी रहेगी तो बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में शिक्षा कैसे मिल सकेगी। निजी जमीन होने का ग्रामीण ने किया दावा मौके पर मौजूद ग्रामीण दसोई यादव ने दावा किया कि जिस जमीन पर मवेशी बांधे जा रहे हैं, वह उनकी निजी जमीन है। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से यहां अपने मवेशियों को बांधते आ रहे हैं। हालांकि, विद्यालय परिसर में मवेशियों और चारे की मौजूदगी को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट किए जाने की जरूरत है। शिकायत पर विद्यालय पहुंचे विधायक मामले की जानकारी मिलने के बाद चेनारी विधायक मुरारी प्रसाद गौतम विद्यालय पहुंचे और पूरे परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्कूल के बरामदे और कमरों में मवेशियों तथा चारा रखे होने की स्थिति का जायजा लिया। विधायक ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें विद्यालय में व्याप्त कुव्यवस्था को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। शिकायत के बाद उन्होंने स्वयं विद्यालय पहुंचकर स्थिति देखी। उन्होंने कहा कि विद्यालय में इस प्रकार की स्थिति शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है और शिक्षा विभाग को मामले का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। जिला अनुश्रवण समिति में उठेगा मामला विधायक मुरारी प्रसाद गौतम ने कहा कि पूरे मामले की उचित जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को जिला अनुश्रवण समिति की बैठक में मजबूती से उठाया जाएगा और जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा। विद्यालय में मवेशियों के बंधे होने और कक्षाओं में भूसा-चारा रखे जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद अब शिक्षा विभाग की भूमिका पर भी नजर है। स्थानीय लोगों की मांग है कि विद्यालय परिसर की स्थिति की जांच कराकर बच्चों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जाए। फिलहाल, मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।







