Market will keep an eye on global developments and crude oil prices, signs of volatility

मुंबई: घरेलू शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के बाद आने वाले कारोबारी सप्ताह में निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रमों पर रहेगी। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल रहेंगे।

ईरान और अमेरिका के बीच अस्थायी युद्धविराम की 60 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद अभी किसी नए समझौते की स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें फिर 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से ऊपर पहुंच गई हैं। तेल की कीमतों में लगातार तेजी से भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के बाजारों पर दबाव बढ़ सकता है।

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बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स पहले तीन कारोबारी दिनों में गिरावट में रहा। गुरुवार को इसमें तेजी आई, जबकि शुक्रवार को सूचकांक लगभग सपाट बंद हुआ। सप्ताह के अंत में सेंसेक्स 468.42 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,540.83 अंक पर बंद हुआ।

इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक सप्ताह के दौरान 114 अंक यानी 0.48 प्रतिशत गिरकर 24,252 अंक पर रहा। हालांकि, व्यापक बाजार में तेजी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप-50 में 0.33 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 में 1.21 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त दर्ज की गई।

बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (अनुसंधान) पबित्रो मुखर्जी के अनुसार, पिछले सप्ताह विदेशी संस्थागत निवेशक शुद्ध बिकवाल रहे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार में खरीदारी का समर्थन किया। सप्ताह के दौरान एफपीआई निवेश में 16.02 अरब रुपये की कमी आई।

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 18 के शेयरों में साप्ताहिक गिरावट रही। इंफोसिस, इंडिगो और एचसीएल टेक्नोलॉजीज प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में रहे। दूसरी ओर इटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक और पावरग्रिड में तेजी दर्ज की गई।

आने वाले सप्ताह में वैश्विक बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमतें, पश्चिम एशिया की स्थिति और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां घरेलू शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी।