
पटना: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सोमवार को बिहार विधानसभा में बांकीपुर के विधायक के तौर पर पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। बांकीपुर उपचुनाव में जीत के बाद यह उनके राजनीतिक सफर का एक अहम पड़ाव माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस जीत के साथ ही जन सुराज पार्टी का बिहार विधानसभा में पहली बार खाता खुला है। दरअसल, बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई 2026 को उपचुनाव के लिए मतदान हुआ था। इस चुनाव में जन सुराज पार्टी ने प्रशांत किशोर को अपना उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने बीजेपी के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को करीब 19 हजार वोटों के अंतर से हराकर बांकीपुर सीट पर बड़ी जीत दर्ज की। बांकीपुर को बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में प्रशांत किशोर की जीत को बिहार की सियासत में बड़े राजनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। उनकी जीत के साथ जन सुराज को विधानसभा में पहली चुनावी सफलता मिली और प्रशांत किशोर खुद विधायक बनकर सदन में पहुंचे हैं।

शपथ लेने के बाद प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन में कहा कि जिस सदन के सदस्य श्री बाबू, अनुग्रह नारायण सिंह, कर्पूरी ठाकुर, नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव, रामविलास पासवान और सुशील कुमार मोदी जैसे दिग्गज नेता रहे हैं, उस सदन का सदस्य बनकर शपथ लेना उनके लिए गौरव की बात है। प्रशांत किशोर ने कहा कि विधायक के तौर पर उनके सामने बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने क्षेत्र की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने और बांकीपुर की समस्याओं को मजबूती से सदन में उठाने की बात कही। वहीं, शपथ ग्रहण के बाद प्रशांत किशोर ने यह भी संदेश दिया कि विधानसभा में उन्हें बोलने का कितना अवसर मिलता है, यह अलग बात है, लेकिन बांकीपुर में किया गया काम खुद बोलेगा। उन्होंने क्षेत्र के विकास को अपनी प्राथमिकता बताते हुए जनप्रतिनिधि के तौर पर जवाबदेही निभाने का भरोसा दिलाया। प्रशांत किशोर के विधानसभा पहुंचने के साथ ही बिहार की राजनीति में जन सुराज की औपचारिक संसदीय पारी भी शुरू हो गई है। अब नजर इस बात पर होगी कि चुनावी रणनीतिकार से सक्रिय राजनेता बने प्रशांत किशोर बांकीपुर के विधायक के तौर पर सदन में अपनी भूमिका किस तरह निभाते हैं और अपने राजनीतिक एजेंडे को किस अंदाज में आगे बढ़ाते हैं।






