
स्वतंत्रता दिवस पर GNSU में NCC कैडेट्स का सम्मान, प्रतिकूलपति गोविंद नारायण सिंह ने प्रमाण पत्र देकर बढ़ाया हौसला
जमुहार: स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, जमुहार के परिसर में राष्ट्रीय पर्व पूरे हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। विश्वविद्यालय प्रांगण में आयोजित मुख्य ध्वजारोहण कार्यक्रम में आन-बान और शान के साथ तिरंगा फहराया गया। इस दौरान पूरा विश्वविद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रप्रेम की भावना से ओत-प्रोत नजर आया। मुख्य कार्यक्रम के अलावा प्रशासनिक भवन सहित विश्वविद्यालय के सभी संकायों में भी स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए गए। मुख्य ध्वजारोहण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं पूर्व सांसद गोपाल नारायण सिंह ने स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष और बलिदान को याद किया। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले ज्ञात-अज्ञात शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने दायित्वों को समझने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लेने का भी अवसर है। उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों से देशप्रेम की भावना को अपने भीतर मजबूत रखते हुए राष्ट्र के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया।
छात्रों की मेहनत और अनुशासन से विश्वविद्यालय को मिल रही नई पहचान प्रति-कुलाधिपति गोविंद नारायण सिंह ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति में छात्र-छात्राओं की भूमिका पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों की मेहनत और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों की कड़ी मेहनत और अनुशासन के कारण संस्थान का नाम लगातार आगे बढ़ रहा है। कम समय में विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में सफलता हासिल की है। उन्होंने विद्यार्थियों से इसी अनुशासन और मेहनत को आगे भी बनाए रखने की अपील की। राष्ट्र निर्माण में शिक्षक और छात्रों की भूमिका महत्वपूर्ण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. जगदीश सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने विश्वविद्यालय की विभिन्न उपलब्धियों की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि किसी भी संस्थान की प्रगति उसके शिक्षकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास से संभव होती है। उन्होंने सभी शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं कर्मचारियों से संस्थान के हितों को ध्यान में रखते हुए ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के विकास में शिक्षक और छात्रों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय एकता, प्रेम और भाईचारे की भावना को मजबूत रखते हुए सभी को अपने उद्देश्यों के प्रति समर्पित रहना चाहिए।
NCC कैडेट्स को मिला सम्मान स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान NCC कैडेट्स के अनुशासन और योगदान की सराहना की गई। कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने किया। समारोह में कुलाधिपति की पत्नी शैल सिंह, संस्थान के प्रबंध निदेशक एवं औरंगाबाद सदर विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. कुमार आलोक प्रताप, परीक्षा नियंत्रक सुदीप कुमार सिंह, सहायक कुलसचिव मिथिलेश कुमार सिंह, अजय कुमार सिंह, डॉ. संगीता सिंह, निरूपमा सिंह, डॉ. मोनिका सिंह सहित विभिन्न संकायों के डीन एवं निदेशक मौजूद रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं, शिक्षक और कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। तिरंगा फहराए जाने के साथ ही पूरे परिसर में देशभक्ति के नारों और राष्ट्रगान से माहौल गूंज उठा। स्वतंत्रता दिवस समारोह ने विश्वविद्यालय परिवार को न केवल देश के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की याद दिलाई, बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लेने का अवसर भी दिया।






