बिहार में कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सोमवार को दिल्ली दौरे के बाद दोपहर 12:30 बजे पटना लौट रहे हैं। माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों के शीर्ष नेताओं से सहमति हासिल कर ली है। दिल्ली में अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, हम के प्रमुख जीतन राम मांझी और लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, नई सरकार में चिराग पासवान की पार्टी से दो मंत्री, जबकि मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से एक-एक मंत्री बनाए जाने की संभावना है। बताया जा रहा है कि संभावित मंत्रियों के नामों पर अंतिम मुहर लग चुकी है और सूची तैयार कर ली गई है। सूत्रों के मुताबिक, नई कैबिनेट का फॉर्मूला भी लगभग तय हो गया है। गठबंधन में सबसे बड़े साझेदार भाजपा और जदयू को बराबर हिस्सेदारी मिल सकती है, जिसमें दोनों दलों के खाते में करीब 15-15 मंत्री पद जाने की संभावना है। पहले की सरकार में शामिल कई चेहरे दोबारा मौका पा सकते हैं, वहीं सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर नए नामों को भी शामिल किया जाएगा। इधर, मंत्री बनने की उम्मीद में कई विधायक पूजा-पाठ और धार्मिक स्थलों का रुख कर रहे हैं। कुछ नेता काशी विश्वनाथ मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन कर रहे हैं। कैबिनेट विस्तार की तारीख को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि यदि राजनीतिक परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो 7 मई के बाद शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।







