
फिल्म की कहानी में देव की शादी हो चुकी, माया शादी कर रही है। लेकिन आगे चलकर शादी-शुदा होने के बावजूद भी दोनों मिलते हैं और इनको प्यार हो जाता है। यह फिल्म प्यार के रिश्ते को बिल्कुल अलग ढंग से दिखाती है। आज भी यह कहानी दर्शकों को याद है। इस फिल्म के 20 साल पूरे होने के मौके पर जानिए, इससे जुड़े कुछ अनसुने किस्से।
फिल्म ‘कभी अलविदा ना कहना’ के निर्देशक करण जौहर थे। इस फिल्म की कहानी की प्रेरणा उन्हें अपने एक दोस्त की जिंदगी से मिली थी। साल 2004 में करण जौहर लंदन गए थे, एक पार्टी में अपने दोस्त से वह बात कर रहे थे, उन्होंने दोस्त की जिंदगी से जुड़ी एक कहानी को सुना और उससे प्रेरित हो गए।
बता दें कि फिल्म में देव (शाहरुख खान) की कहानी, करण जौहर के दोस्त की कहानी से मिलती है। इस कहानी को सुनते ही करण जौहर ने फिल्म बनाने का मन बना लिया था।
फिल्म में शाहरुख और रानी मुखर्जी के किरदार शादीशुदा थे, लेकिन दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो जाता है। कहानी के मुताबिक दोनों के बीच एक इंटीमेट सीन भी फिल्माया जाना था।
सेट पर यह सीन शूट भी होने वाला था पर ऐन मौके पर करण जौहर को आदित्य चोपड़ा का फोन आया यह सीन स्क्रिप्ट से हटा दिया गया। इसे शूट ही नहीं किया गया।
इस बारे में एक पुराने इंटरव्यू में करण जौहर कहते हैं, ‘आदि ने मुझे फोन किया। वह बोले कि शाहरुख और रानी पर बोल्ड सीन नहीं फिल्माना चाहिए। उन्हें लगता था कि भारत में इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। हम दोनों के बीच फोन पर इस बात को लेकर बड़ा झगड़ा हुआ। बहुत बाद में जब मैंने इसके बारे में सोचा तो लगा कि वह सही थे।’
बता दें कि इस फिल्म के डिस्ट्रीब्यूशन का काम आदित्य चोपड़ा की यशराज फिल्म्स ने संभाला था।
बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने 54वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में इस बात का जिक्र किया था कि फिल्म ‘कभी अलविदा ना कहना’ के बाद कई तलाक हुए थे। रानी ने इवेंट में कहा था, ‘मुझे लगता है कि ‘कभी अलविदा ना कहना’ के बाद बहुत सारे तलाक हुए। बहुत सारे लोग थिएटर जा रहे थे और अत्यधिक असुविधा के साथ फिल्म देख रहे थे।’
वह आगे कहती हैं, ‘मुझे लगता है कि यह वह प्रतिक्रिया है जो करण को उनकी फिल्म के लिए मिली थी। मुझे लगता है कि इस फिल्म ने कई लोगों की आंखें खोल दीं और उन्होंने खुश होने का फैसला लिया।’

फिल्म ‘कभी अलविदा ना कहना’ में रानी मुखर्जी ने माया का किरदार बड़ी खूबसूरती से निभाया था। लेकिन इस रोल के लिए वह पहली पसंद नहीं थीं। यह रोल पहले करण जौहर ने काजोल को ऑफर किया था। लेकिन उस वक्त काजोल ‘फना’ फिल्म की शूटिंग में व्यस्त थीं। ऐसे में यह फिल्म आगे चलकर रानी मुखर्जी काे मिली।
फिल्म ‘कभी अलविदा ना कहना’ को भारत के अलावा विदेशों में भी खूब प्यार मिला। इस फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 60.28 करोड़ रुपये कमाए थे। जबकि वर्ल्डवाइड 111.20 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था।

फिल्म में रानी मुखर्जी, शाहरुख खान के अलावा अभिषेक बच्चन, अभिताभ बच्चन, प्रीति जिंटा जैसे कलाकार भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे।
फिल्म ‘कभी अलविदा ना कहना’ को भारत के अलावा विदेशों में भी खूब प्यार मिला। इस फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 60.28 करोड़ रुपये कमाए थे। जबकि वर्ल्डवाइड 111.20 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था।
फिल्म में रानी मुखर्जी, शाहरुख खान के अलावा अभिषेक बच्चन, अभिताभ बच्चन, प्रीति जिंटा जैसे कलाकार भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे।
फिल्म को करण जौहर ने न्यूयॉर्क में शूट किया था। इस फिल्म को वहां पर 90 दिन में शूट किया गया। वहीं मुंबई में भी कुछ सीन्स फिल्माए गए।

फिल्म ‘कभी अलविदा ना कहना’ में शाहरुख खान के बेटे का एक किरदार था, जो एक चाइल्ड आर्टिस्ट ने निभाया था। यह चाइल्ड आर्टिस्ट अहसास चन्ना थीं, जो कि एक लड़की थी। जबकि बड़े पर्दे पर वह एक लड़के का रोल निभाती दिखीं।
फिल्म का प्रमोशन भी अलग तरीके से किया गया। एक्टर्स ने ‘मैरीड या हैप्पी’ जैसी बातें लिखी हुईं टी-शर्ट पहनी थी।






