कानपुर: पिछले करीब एक सप्ताह से रुक रुक कर हो रही बारिश के चलते औद्योगिक नगरी कानपुर में गंगा नदी के जलस्तर पर लगातार बढ़ोत्तरी होने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि आज सुबह करीब साढ़े नौ बजे कानपुर बैराज में गंगा का जलस्तर 113.410 मीटर पहुंच गया था जो चेतावनी बिंदु से 114 मीटर से लगभग 600 सेमी नीचे था। बुलंदशहर के नरोरा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण यहां गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी जारी है। शुक्लागंज घाट पर 112.06 मीटर पर बह रही थी जबकि यहां चेतावनी बिंदु 113 मीटर और लाल निशान 114 मीटर पर है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में भी वर्षा के आसार जताये हैं। लगातार बारिश के कारण गंगा के तटवर्ती इलाकों में हालात भयावह होते जा रहे हैं। निचले इलाकों में बरसात और बाढ़ का पानी घर कर गया है और कहीं स्थानो पर पानी घर में प्रवेश कर जाने पर लोगबाग ऊपरी मंजिल अथवा छतों पर शरण लेने काे मजबूर हैं।
उधर, शहर के कई इलाकों में गहरी सीवर लाइन और मेट्रो रेल के कार्यो के बीच बरसात ने हालात और विकट कर दिये है। अनियोजित विकास और भ्रष्टाचार के चलते शहर की अधिकांश सड़के गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। फिसलन भरी सड़कों पर आये दिन बड़ी तादाद में दुपहिया वाहन चालक चुटहिल हो रहे हैं वहीं यातायात जाम की समस्या ने हालात को और जटिल बना दिया है।







