
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून के दौरान अनेक स्थानों पर अतिवृष्टि एवं भूस्खलन की घटनाओं के कारण प्रशासन ने राज्य में प्रचलित चारधाम यात्रा स्थगित कर दी है। देहरादून से हिमाचल प्रदेश और पंजाब, हरियाणा को जाने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग के मध्य हाल में ही बनाया गया पुल इस दौरान ढह गया है। राज्य के विभिन्न स्थानों पर सड़कें बन्द हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले शनिवार तक यह स्थिति बरकरार रहने की संभावना है। लगातार हो रही बारिश ने उत्तराखंड में जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है।
आयुक्त गढ़वाल मंडल आनन्द स्वरूप ने मंगलवार सुबह बताया कि चारधाम यात्रा मार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन से अवरूद्ध होने तथा भारी वर्षा का अलर्ट के कारण यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर मंगलवार और बुधवार के लिए चारधाम यात्रा स्थगित की गई है। मौसम अनुकूल होने पर यात्रा पुनः प्रारंभ की जाएगी। भारी बारिश के मद्देनजर देहरादून, चमोली, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, टिहरी, पौड़ी, बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़ जनपदों में पुलिस अलर्ट मोड पर है।
भारी बारिश के कारण सभी जनपदों में नदी, नालों के किनारे रहने वाले लोगो को पुलिस द्वारा सचेत किया जा रहा है। नदी, नालों के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण लोगो को नदी नालों के किनारे न जाने की चेतावनी लगातार दी जा रही है। उधर श्रीनगर डैम से पानी छोड़े जाने के कारण ऋषिकेश क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के लिए लोगो को सचेत किया गया है। सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमो द्वारा लगातार संवेदनशील स्थानों पर भ्रमणशील रहकर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।
टिहरी जनपद अन्तर्गत, भारी बारिश के कारण यमुना पुल–मसूरी बैंड (एनएच-507) मार्ग पर मलबा आने से मार्ग बाधित है। साथ ही, मसूरी–कैम्पटी मार्ग (एनएच-707) पर ख्यार्सी एवं जीवन आश्रम के पास पहाड़ी से मलबा आने के कारण बाधित है। मौके पर जेसीबी के माध्यम से मलबा हटाने का कार्य किया जा रहा है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि उक्त मार्गों पर यात्रा करने से पूर्व यातायात की नवीनतम स्थिति की जानकारी प्राप्त कर लें तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। सुरक्षित एवं सावधानी पूर्वक यात्रा करें।
देहरादून जनपद में रात्रि से हो रही भारी वर्षा के कारण जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान सुबह से ही फील्ड में हैं। उन्होंने प्रातः काल हिमाचल , पंजाव को जोड़ने वाले नंदा की चौकी पुल के क्षतिग्रस्त अप्रोच वाल का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन घंटे के अंदर एप्रोच वाल को रिस्टोर करने के निर्देश दिए। यह पुल पिछले दो वर्ष पहले अतिवृष्टि में क्षतिग्रस्त होने के बाद पिछले पंद्रह दिन पहले ही 16 करोड़ रूपए की लागत से दुबारा तैयार किया गया था।
जिलाधिकारी डॉ चौहान नंदा की चौकी पुल के निरीक्षण के बाद सोडा सरोली पहुंचे जहां पीएमजीएसवाई की वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़क को तत्काल खोलने के निर्देश दिए गए हैं। जबकि मलबा आने से बंद थानों मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। उत्तरकाशी जिले में जानकी चट्टी यमुनोत्री पैदल मार्ग में राम मंदिर के पास नदी का जल स्तर बढ़ने से पैदल मार्ग का 25 से 30 मीटर रास्ता लगभग दो से 2.5 मीटर धंस गया है। वर्तमान में यात्रियों के लिए रास्ता सुरक्षित नहीं है। वैकल्पिक मार्ग बनाने के लिए शीघ्र ही मजदूर भेजे जा रहे हैं।






