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बालोद में कैंसर ठीक करने के नाम पर महिला से लाखों की ठगी, पूजा-पाठ का दिया झांसा

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In Balod, a woman was duped of lakhs of rupees in the name of curing cancer, and was deceived by performing rituals.

बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक टीवी चैनल पर प्रसारित एक ज्योतिष संस्था के विज्ञापन के झांसे में आकर एक महिला और उसके परिवार के ठगी का शिकार होने का मामला सामने आया है। रनचिरई थाना क्षेत्र के ग्राम सिर्री की 55 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया कि उनके पति के चौथे स्टेज के कैंसर को पूजा-पाठ से ठीक करने का भरोसा देकर उससे करीब 13 लाख 13 हजार 673 रुपए अलग-अलग खातों और मोबाइल नंबरों पर जमा कराए गए।


महिला का आरोप है कि बीमारी ठीक नहीं होने पर जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो कथित ठगों ने उसे रकम लौटाने के बजाय पुलिस, सीबीआई और हत्या के मामले में फंसाने तथा जेल भेजने की धमकी देकर दोबारा पैसे मांगे। महिला ने पति के इलाज और उन्हें ठीक कराने की उम्मीद में सोना गिरवी रखने के साथ परिचितों से कर्ज लेकर भी रकम जुटाई थी।
मामले में रनचिरई पुलिस ने उत्तरप्रदेश के ठग वेद प्रकाश तिवारी, सृजन तिवारी, राहुल तिवारी सहित अन्य के खिलाफ बीएनएनएस की धारा 3(5) और 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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रनचिरई थाना क्षेत्र के ग्राम सिर्री निवासी प्रेमलता चन्द्राकर ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उनके पति को कैंसर की बीमारी है। एक धार्मिक चैनल पर पं. वेद प्रकाश तिवारी की लक्ष्मी नारायण ज्योतिष संस्था का विज्ञापन देखने के बाद उन्होंने मोबाइल के जरिए संस्था से संपर्क किया। शिकायत के मुताबिक, बातचीत के दौरान उन्हें भरोसा दिलाया गया कि पूजा-पाठ के माध्यम से उनके पति की बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। इसके बाद पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक क्रियाओं के नाम पर उनसे रकम की मांग शुरू कर दी गई।


महिला के मुताबिक, आरोपियों में शामिल बताए जा रहे राहुल तिवारी ने फोन कर पति की बीमारी पूजा-पाठ से ठीक करने का भरोसा दिया। इसके बाद बारकोड भेजकर 30 हजार रुपए जमा कराए गए। फिर 28 नवंबर 2024 को दोबारा 18 हजार रुपए फोन-पे के जरिए भेजे गए। पति के ठीक होने की उम्मीद में वह लगातार आरोपियों के झांसे में आती गई और अलग-अलग लोगों के बैंक खातों, फोन-पे, गूगल-पे और अन्य माध्यमों से रकम भेजती रही। इस तरह कुल करीब 13,13,673 रुपए की रकम डीबीटी द्वारा भेजे जाने का उल्लेख शिकायत में किया गया है।


शिकायतकर्ता का आरोप है कि पूजा-पाठ के नाम पर रकम लेने के बाद पं. वेद प्रकाश तिवारी के नाम से दोबारा फोन आया। कथित तौर पर उन्हें बताया गया कि संस्था के अन्य सहयोगियों ने उनके नाम का इस्तेमाल कर उनके साथ ठगी की है और उनकी पूरी रकम दो महीने के भीतर वापस करा दी जाएगी। महिला के मुताबिक, फोन और वीडियो कॉल के जरिए सामने वाले व्यक्ति ने खुद को असली वेद प्रकाश तिवारी बताते हुए रकम वापस कराने का भरोसा दिलाया। महिला ने एफआईआर में आगे आरोप लगाया कि इसके बाद उसे कथित तौर पर बताया गया कि राहुल तिवारी के पिता ने आत्महत्या कर ली है और उनके सुसाइड नोट में उसका तथा वेद प्रकाश तिवारी का नाम लिखा है। आरोप है कि इसी बात का डर दिखाकर उससे दोबारा ऑनलाइन रकम की मांग की गई।


महिला के अनुसार, उसे यह भी कहा गया कि रकम नहीं देने पर उत्तर प्रदेश पुलिस उसके घर पहुंचेगी और सीबीआई की कार्रवाई हो सकती है। शिकायत में हत्या के मामले में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति चौथे स्टेज के कैंसर से पीड़ित हैं। बीमारी के इलाज और पति को ठीक कराने की उम्मीद में उसने सोना गिरवी रखने के साथ ही परिचितों से कर्ज लेकर भी रकम की व्यवस्था की।


मजबूरी और भावनात्मक स्थिति का फायदा उठाकर आरोपी लगातार उससे पैसे लेते रहे। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने उसका फोटो, आधार कार्ड और पैन कार्ड भी व्हाट्सऐप के माध्यम से मंगवाया था। बालोद एएसपी मोनिका ठाकुर ने आज बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर रनचिरई थाने में आरोपी वेद प्रकाश तिवारी, सृजन तिवारी, राहुल तिवारी और अन्य के खिलाफ BNS की धारा 3(5) और 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया है। जांच जारी है। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।