
जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में उर्वरक नियमों के उल्लंघन के मामलों में कृषि विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दो मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई है तथा एक कृषि केंद्र का उर्वरक प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
कृषि विभाग से गुरुवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसानों से मिली शिकायतों की जांच में विकासखंड जगदलपुर के कुम्हरावंड स्थित दन्तेश्वरी कृषि केन्द्र द्वारा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों के उल्लंघन का प्रथम दृष्टया मामला सामने आया। इसके बाद विभाग ने संबंधित फर्म का उर्वरक प्राधिकार पत्र निरस्त करते हुए संचालक के विरुद्ध फ्रेजरपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई।
एक अन्य मामले में आठ जुलाई को प्राप्त शिकायत की जांच में पाया गया कि बिना वैध उर्वरक प्राधिकार पत्र के डीएपी के नाम पर अन्य उर्वरक निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बेचा जा रहा था। इस मामले में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के उल्लंघन के आरोप में मनोज कुमार बेदरकर और जीवन जंघेल के विरुद्ध बोधघाट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेचता है, संदेहास्पद गुणवत्ता के उर्वरक, बीज या कीटनाशक की बिक्री करता है अथवा किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।






