नयी दिल्ली: कांग्रेस सांसद एवं राज्यसभा में पार्टी के उपनेता प्रमोद तिवारी ने राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा गबन मामले को लेकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
श्री तिवारी ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि मंदिर से करोड़ों रुपये की कथित संगठित चोरी के मामले में आरोपियों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगाया जाना चाहिए और पूरे प्रकरण की जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में करायी जानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह कोई साधारण चोरी नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के चढ़ावे और चंदे की कथित संगठित लूट का मामला है। उन्होंने दावा किया कि पहले मंदिर से धन की चोरी की गयी, फिर उसे बाहर ले जाकर रिश्तेदारों के खातों में जमा कराया गया और बाद में उसे कथित रूप से काले धन से वैध धन में बदला गया।
उन्होंने कहा कि करोड़ों राम भक्तों की आस्था के साथ विश्वासघात हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि इन लोगों को ट्रस्ट में किसने रखा था और इसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा, ” यह पूरा मामला एक संगठित गिरोह की तरह संचालित हुआ है। दोषियों पर मकोका लगाया जाना चाहिए और मामले की जांच उच्चतम न्यायालय निगरानी में होनी चाहिए, ताकि सच सामने आ सके और दोषियों को सख्त सजा मिले।







