
तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों को विफल करने और क्षेत्र को अस्थिर करने की कथित कोशिशों के प्रति आगाह करते हुए कहा है कि किसी भी स्थायी और सफल कूटनीतिक समझौते के लिए पारस्परिक सम्मान तथा पूर्व प्रतिबद्धताओं का व्यावहारिक रूप से पालन अनिवार्य है।
श्री पेजेश्कियान ने यह बात शुक्रवार शाम पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान कही। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय घटनाक्रम, कूटनीतिक प्रयासों को जारी रखने की आवश्यकता तथा स्थायी शांति सुनिश्चित करने की साझा प्रतिबद्धता पर चर्चा हुई।
बातचीत के दौरान राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कुछ अंतरराष्ट्रीय शक्तियां शांति प्रयासों को पटरी से उतारने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से इजरायल और अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा कि दोनों पूर्व प्रतिबद्धताओं से पीछे हट रहे हैं और क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में युद्धविराम को स्थिर बनाये रखने और संकट के विस्तार को रोकने के लिए कूटनीतिक माध्यमों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ईरान ने हमेशा सद्भावना के साथ अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन किया है।
श्री पेजेश्कियान ने कहा कि किसी भी समझौते की सफलता और स्थायित्व के लिए पारस्परिक सम्मान तथा प्रतिबद्धताओं का व्यावहारिक पालन अपरिहार्य शर्त है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की विदेश नीति और वार्ताएं देश की व्यापक नीतियों के तहत इस्लामी गणराज्य के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला सैय्यद मोजतबा खामेनेई के मार्गदर्शन और निगरानी में संचालित होती हैं।
उन्होंने कूटनीतिक प्रयासों में पाकिस्तान की रचनात्मक भूमिका की सराहना करते हुए श्री शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर द्वारा तनाव कम करने तथा शांति पहल को आगे बढ़ाने के लिए उठाये गये कदमों की प्रशंसा की। श्री पेजेश्कियान ने ईरान और पाकिस्तान के बीच ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों पर आधारित रणनीतिक रिश्तों का भी उल्लेख किया।
जवाब में प्रधानमंत्री शरीफ ने क्षेत्र में फिर से तनाव बढ़ने की आशंका पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए स्थायी युद्धविराम सुनिश्चित करने के लिए संयम और सतत राजनीतिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। श्री शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान कूटनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और तनाव कम करने के प्रयासों में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में कतर और अन्य क्षेत्रीय पहलों के साथ भी पाकिस्तान सहयोग जारी रखेगा।
उन्होंने क्षेत्रीय परिदृश्य में ईरान की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि तेहरान का नेतृत्व मौजूदा चुनौतियों का सामना बुद्धिमत्ता और विवेक के साथ करेगा। बातचीत के अंत में दोनों नेताओं ने राजनीतिक परामर्श लगातार जारी रखने तथा द्विपक्षीय आर्थिक एवं व्यापारिक समझौतों के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी।






