Home बिहार फटा दूध बना जहर? बच्चों समेत 10 लोग अस्पताल में भर्ती

फटा दूध बना जहर? बच्चों समेत 10 लोग अस्पताल में भर्ती

19
0
Did spoiled milk turn toxic? 10 people, including children, hospitalized.

गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले से फूड पॉइजनिंग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के कीरतपुरा गांव में फटे हुए दूध से बना खाद्य पदार्थ खाने के बाद एक ही परिवार के 10 लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। बीमारों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। सभी को इलाज के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। परिजनों के अनुसार, अनिल सहनी और रजानति देवी के घर में फटे हुए दूध से एक खाद्य पदार्थ तैयार किया गया था। परिवार के सभी लोगों ने उसे खाया। खाने के कुछ ही देर बाद एक-एक कर सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। सबसे पहले बच्चों ने पेट में तेज दर्द और उल्टी की शिकायत की। इसके बाद महिलाओं और अन्य सदस्यों को भी चक्कर आने लगे और वे कमजोरी महसूस करने लगे।

स्थिति गंभीर होते देख परिजन बिना देर किए सभी को गोपालगंज सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। इस घटना में सबसे अधिक बच्चे प्रभावित हुए हैं। बीमार होने वालों में प्रिया कुमारी (14 वर्ष), सिमरन कुमारी (11 वर्ष), प्रियांशु कुमारी (12 वर्ष), ऋषभ कुमार (1 वर्ष), अभिराज कुमार (2 वर्ष), मोनालिसा कुमारी (11 वर्ष), ऋतिक कुमार (5 वर्ष), अतुल कुमार (9 वर्ष), मनीषा (30 वर्ष) और रजानति देवी (35 वर्ष) शामिल हैं। सदर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में तैनात चिकित्सक डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि अस्पताल पहुंचने के समय मरीजों की हालत चिंताजनक थी, लेकिन समय पर इलाज शुरू होने से अब सभी की स्थिति स्थिर है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में यह मामला फूड पॉइजनिंग का प्रतीत हो रहा है।

GNSU Admission Open 2026

आशंका है कि फटे हुए दूध में हानिकारक बैक्टीरिया पनपने के कारण सभी की तबीयत बिगड़ी। फिलहाल सभी मरीज खतरे से बाहर हैं और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। सटीक कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक मेडिकल जांच कराई जा रही है। घटना के बाद कीरतपुरा गांव में दहशत का माहौल है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति पर नजर रखी हुई है। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि गर्मी और उमस के मौसम में बासी भोजन, फटे हुए दूध या किसी भी खराब खाद्य पदार्थ का सेवन न करें। उन्होंने कहा कि भोजन की शुद्धता और गुणवत्ता का ध्यान रखना ही फूड पॉइजनिंग से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।