भीलवाड़ा: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में कृषि विभाग की कार्रवाई ने सहकारी समितियों में चल रहे कथित खाद घोटाले की परतें खोल दी हैं। मांडल थाना क्षेत्र के केरिया ग्राम स्थित ग्राम सेवा सहकारी समिति (जीएसएस) पर मंगलवार रात कृषि विभाग की टीम ने अचानक छापेमारी की, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
जांच के दौरान टीम को ‘सरदार बायो एनपीके’ नामक खाद के 293 कट्टे मिले, जिन्हें गुणवत्ता जांच में घटिया और नकली पाया गया। मौके पर ही इन सभी कट्टों को सीज कर दिया गया और उनकी बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई। कृषि विभाग के अधिकारी धीरेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि यह कार्रवाई आकस्मिक निरीक्षण के तहत की गई थी और प्रारंभिक जांच में खाद की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।
बताया जा रहा है कि मांडल क्षेत्र की कई ग्राम सेवा सहकारी समितियों में इस तरह की संदिग्ध खाद की आपूर्ति की जा रही थी। आरोप है कि लगभग 400 रुपये की लागत वाली इस घटिया खाद को किसानों को 1350 रुपये में बेचा जा रहा था। इस खुलासे के बाद स्थानीय किसानों में भारी आक्रोश है और वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला सहकारी बैंक (सीसीबी) प्रशासन ने पहले ही मांडल शाखा के प्रबंधक राहुल पोखरना और बैंकिंग सहायक राजकुमार कुमावत को निलंबित कर दिया था। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर बैंक प्रबंधन पर एकतरफा निर्णय लेने के आरोप भी लगे हैं।
इसके अलावा, राज्य सरकार ने भी सख्त रुख अपनाते हुए सीसीबी के प्रबंध निदेशक आलोक कुमार चौधरी को एपीओ कर दिया है। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और प्रशासन का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।







