पटना: बिहार की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रामचंद्र प्रसाद (आरसीपी) सिंह ने 27 जून को पटना में जेडीयू प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। करीब चार साल बाद हुई इस मुलाकात ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। हालांकि, दोनों नेताओं की ओर से इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया है।
मुलाकात के बाद आरसीपी सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चार साल बाद नीतीश कुमार से मिलकर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार उनके नेता रहे हैं, हैं और आगे भी रहेंगे। सिंह ने यह भी बताया कि मुलाकात बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और उन्होंने नीतीश कुमार को पूरी तरह स्वस्थ पाया। उन्होंने इस अवसर पर बिहार के विकास और अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होने की बात कही।
आरसीपी सिंह ने नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि निशांत के पास कोई निजी स्वार्थ नहीं है और उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है, उसे वे पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं। सिंह के अनुसार, निशांत का उद्देश्य बिहार के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है और वे इसी दिशा में कार्य कर रहे हैं।
मुलाकात के बाद आरसीपी सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि उनकी मुलाकात नीतीश कुमार से बेहद आत्मीय और सौहार्दपूर्ण रही। उल्लेखनीय है कि आरसीपी सिंह कभी नीतीश कुमार के सबसे करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे, लेकिन बाद में पार्टी के अंदरूनी राजनीतिक घटनाक्रमों के चलते दोनों के बीच दूरी बढ़ गई थी।
गौरतलब है कि मई 2025 में आरसीपी सिंह ने अपनी राजनीतिक पार्टी ‘आप सबकी आवाज़’ का विलय प्रशांत किशोर की ‘जन सुराज पार्टी’ में कर दिया था। ऐसे में उनकी यह मुलाकात राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, जेडीयू में उनकी संभावित वापसी को लेकर अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।







