नयी दिल्ली: भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला अबू शावेश ने गाजा में लगातार बिगड़ती मानवीय और स्वास्थ्य स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए उम्मीद व्यक्त की है कि भारत जल्द ही चिकित्सा सहायता और जरूरी मेडिकल उपकरणों की बड़ी खेप भेजेगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जारी संघर्ष ने गाजा की स्वास्थ्य व्यवस्था को लगभग पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है और आम नागरिक बुनियादी इलाज तक के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे कठिन समय में भारत का सहयोग फिलिस्तीनी लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
राजदूत शावेश के अनुसार, गाजा के 36 अस्पतालों में से अब केवल 17 अस्पताल ही किसी तरह सीमित संसाधनों के साथ काम कर पा रहे हैं। दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों और डॉक्टरों की भारी कमी के कारण हजारों मरीजों का समुचित इलाज संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि युद्धविराम की घोषणा के बाद भी हिंसा पूरी तरह नहीं रुकी और अब तक एक हजार से अधिक फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर संकट लगातार गहराता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत ने पहले भी फिलिस्तीन को दवाइयों और राहत सामग्री की आपूर्ति की है तथा हाल के दिनों में भारतीय विदेश मंत्रालय के साथ उनकी सकारात्मक बातचीत हुई है। उन्हें विश्वास है कि भारत सरकार मानवीय आधार पर जल्द ही नई चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएगी। साथ ही कई भारतीय संस्थाओं और सामाजिक संगठनों ने भी मदद के लिए रुचि दिखाई है।
राजदूत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी गाजा में राहत कार्य तेज करने और स्थायी शांति स्थापित करने की अपील की। उन्होंने दो-राष्ट्र समाधान के प्रति भारत के समर्थन की सराहना करते हुए कहा कि भारत हमेशा फिलिस्तीन के साथ रचनात्मक भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वेस्ट बैंक में भारत की सहायता से एक नए अस्पताल की परियोजना पर काम आगे बढ़ रहा है, जिससे भविष्य में स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।







