पटना: बिहार सरकार ने सहयोग शिविरों के माध्यम से प्राप्त होने वाले आवेदनों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण को सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष कोषांग (सेल) का गठन किया है। यह कोषांग विभिन्न विभागों को भेजे गए आवेदनों की नियमित निगरानी करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि सभी मामलों का निपटारा निर्धारित समय सीमा के भीतर हो। सरकार का उद्देश्य जन शिकायतों और मांगों के समाधान की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना है।
सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, कोषांग लंबित आवेदनों की स्थिति पर लगातार नजर रखेगा और देरी होने की स्थिति में उसके कारणों की समीक्षा करेगा। जिन मामलों का समय पर निष्पादन नहीं होगा, उनमें संबंधित अधिकारियों और विभागों की जवाबदेही तय की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा जा सकता है। सचिवालय स्तर के अधिकारियों को इस कार्य की जिम्मेदारी दी गई है, जो जिलों से प्राप्त रिपोर्टों का विश्लेषण कर नियमित मॉनिटरिंग करेंगे।
सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश पर गठित इस कोषांग में अपर सचिव अखिलेश कुमार सिंह को विभागीय नोडल पदाधिकारी एवं कोषांग प्रभारी बनाया गया है। वहीं अवर सचिव लल्लू कुमार को सहायक कोषांग प्रभारी तथा आईटी मैनेजर अजय कुमार को तकनीकी और आईटी संबंधी कार्यों के लिए सहायक कोषांग प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोषांग प्रत्येक आवेदन की प्रगति की समीक्षा करेगा और लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करेगा। इसी क्रम में जन शिकायतों के त्वरित समाधान के उद्देश्य से 2 जून 2026 को राज्य के सभी जिलों में एक बार फिर सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे।
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने सभी जिलों के प्रभारी सचिवों को अपने-अपने जिलों में मौजूद रहने तथा कम से कम तीन प्रखंडों में आयोजित शिविरों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। साथ ही जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और प्रमंडलीय आयुक्तों को शिविरों के सफल संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है।







