
पटना: नीट परीक्षा का प्रश्न पत्र उपलब्ध करवाने और एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के नाम पर कथित रूप से ठगी करने वाले एक गिरोह का दिल्ली पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस मामले में कथित मास्टरमाइंड बताए जा रहे संतोष कुमार जायसवाल समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बीते दिनों कार्रवाई करते हुए राजद के राष्ट्रीय सचिव संतोष कुमार जायसवाल और तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यह संगठित गिरोह नीट अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के नाम पर कथित रूप से ठगी करता था। पुलिस ने एक डॉक्टर सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, 3 मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) 2026 से पहले कुछ नाबालिगों समेत 18 विद्यार्थियों को आरोपियों के चंगुल से बचाया गया। आरोपी छात्रों को ‘परीक्षा प्रश्न पत्र’ उपलब्ध कराने के बहाने अज्ञात स्थानों पर ले गए थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि कथित फर्जी प्रश्न पत्र पिछले वर्षों की सामग्री और कोचिंग संस्थानों के नोट्स का उपयोग करके तैयार किए गए थे। आरोपियों ने छात्रों के परिवारों से 20 से 30 लाख रुपये की मांग की और मेडिकल कॉलेजों में सीट दिलाने की गारंटी देकर कुछ रकम पहले ही वसूल ली थी दिल्ली पुलिस ने बताया कि 2 मई को सूरत पुलिस से सूचना मिली थी कि दिल्ली में एक संदिग्ध गिरोह NEET के जरिए मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिलाने का दावा कर रहा है। इसके बाद तकनीकी निगरानी के आधार पर जांच शुरू की गई और महिपालपुर एक्सटेंशन स्थित कई होटलों में तलाशी अभियान चलाया गया।पुलिस ने एक होटल में ठहरे चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें विनोद भाई भीखा भाई पटेल भी शामिल था। आरोप है कि उसने गुजरात के MBBS अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को झांसे में लेकर इस गिरोह से जोड़ा। पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने मेडिकल कॉलेज में सीट दिलाने का वादा कर अभिभावकों से बड़ी रकम, 10वीं और 12वीं की मूल मार्कशीट और हस्ताक्षर किए गए खाली चेक भी लिए थे। जांचकर्ताओं ने बताया कि आरोपियों ने कुछ छात्रों को उनके अभिभावकों से अलग कर रखा था। पुलिस ने गाजियाबाद के एक अस्पताल के पास जाल बिछाकर तीन छात्रों को मुक्त कराया और कथित मास्टरमाइंड संतोष कुमार जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया।






