
मथुरा: श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद को अदालत के बाहर सुलझाने की दिशा में एक नया प्रस्ताव सामने आया है। ‘श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास’ ने मुस्लिम पक्ष के समक्ष विवादित भूमि छोड़ने के बदले हरियाणा के मेवात में 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने तथा वहां नई मस्जिद के निर्माण का पूरा खर्च वहन करने की पेशकश की है।
न्यास के अध्यक्ष पंडित दिनेश फलाहारी महाराज ने इस संबंध में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी के सचिव तनवीर अहमद को अलग-अलग पत्र भेजे हैं। अखिलेश यादव को लिखे पत्र में उनसे इस मामले में मध्यस्थता कर समाधान का प्रयास करने का आग्रह किया गया है। वहीं तनवीर अहमद से गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द की भावना के तहत समाधान में सहयोग देने की अपील की गई है।
पत्र में न्यास ने दावा किया है कि मुगल काल में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पर अवैध कब्जा किया गया था। न्यास का कहना है कि यदि मुस्लिम पक्ष स्वेच्छा से विवादित भूमि छोड़ने पर सहमत होता है तो हिंदू समाज की ओर से मेवात में 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी और नई मस्जिद के निर्माण का संपूर्ण खर्च भी वहन किया जाएगा।
यह पहल उस समय सामने आई है जब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाल ही में मथुरा में आयोजित लोक अदालत के माध्यम से विवाद के समाधान का प्रयास किया गया था। न्यास के अनुसार, उस प्रक्रिया में हिंदू पक्ष के वादी उपस्थित हुए, जबकि मुस्लिम पक्ष का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ।
इसके बाद न्यास ने सीधे संवाद के माध्यम से समाधान का प्रयास शुरू किया है।
फिलहाल समाजवादी पार्टी, शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी या मुस्लिम पक्ष की ओर से इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्रस्ताव पर आगे किसी प्रकार की औपचारिक वार्ता होगी या नहीं। विवाद से जुड़े मामले विभिन्न अदालतों में विचाराधीन हैं।






