बेतिया। भारत-नेपाल सीमा से सटे पश्चिम चंपारण जिले में पुलिस ने नकली नोटों के नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जाली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला विशेष कागज, हथियार और अन्य सामान बरामद किया है। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और मामले के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, नरकटियागंज-सिकटा क्षेत्र में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति नेपाल की ओर से संदिग्ध सामग्री लेकर भारत में प्रवेश करने वाले हैं। सूचना के आधार पर कंगली थाना क्षेत्र के भेड़िहरवा इलाके में पुलिस ने घेराबंदी की। इस दौरान बाइक पर सवार तीन संदिग्धों को रोका गया, लेकिन पुलिस को देखकर वे भागने लगे। पीछा करने पर पुलिस ने दो आरोपियों को धर दबोचा, जबकि एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के सुखलहिया गांव निवासी ज्वाला सिंह और सचिन कुमार के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान ज्वाला सिंह के पास से एक लोडेड देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद किया गया। वहीं उनके बैग से विशेष प्रकार का कागज मिला है, जिसका उपयोग जाली नोट छापने में किया जाता है। पुलिस ने मौके से उनकी बाइक भी जब्त कर ली है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह गिरोह नकली नोटों की सप्लाई के साथ-साथ उनकी छपाई में भी सक्रिय हो सकता है। एसडीपीओ जयप्रकाश सिंह ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क के नेपाल और पाकिस्तान से जुड़े संभावित तारों की भी जांच कर रही हैं।







