देवघर। झारखंड के देवघर जिले में वर्ष 2019 के चर्चित रिखिया थाना कांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए शशांक शेखर भोक्ता समेत कुल 20 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। यह मामला लोकसभा चुनाव के दौरान बैजनाथपुर चौक पर हुए कथित विवाद और सड़क जाम से जुड़ा था। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफल रहा। पेश किए गए गवाह भी अपने बयानों पर कायम नहीं रह सके, जिससे केस कमजोर पड़ गया। अदालत ने कहा कि आरोप संदेह से परे सिद्ध नहीं हो पाए, इसलिए सभी आरोपितों को बरी करना ही उचित है। घटना 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान की है, जब बैजनाथपुर चौक पर ईवीएम ले जा रहे वाहन को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ था। इसी को लेकर कुछ लोगों ने सड़क जाम कर विरोध जताया था। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि इस दौरान लूटपाट और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। हालांकि बचाव पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि न तो कोई लूट की घटना हुई और न ही किसी प्रकार की क्षति पहुंचाई गई। उनके अनुसार मामला पूरी तरह निराधार और साजिश के तहत दर्ज किया गया था। सभी पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि आरोप प्रमाणित नहीं हो सके। इसके आधार पर सभी 20 आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया गया। फैसले के बाद कोर्ट परिसर में आरोपियों और उनके समर्थकों में संतोष का माहौल देखा गया। सुनवाई के दौरान कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां भी मौजूद रहीं।







