महिला आरक्षण पर बीजेपी का राष्ट्रव्यापी अभियान आज से शुरू

नई दिल्ली। महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में आरक्षण लागू करने को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार 2029 से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने को अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश करते हुए देशभर में इसके समर्थन में माहौल बनाने में जुट गई है। इसी क्रम में संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने की तैयारी है, जिसमें महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने की योजना है।राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक,आगामी पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों को देखते हुए इसे महिला मतदाताओं को साधने की बड़ी रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।पार्टी नेतृत्व ने इस मुद्दे पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू करने का फैसला किया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने संगठन को निर्देश दिया है कि संसद में विधेयक पारित होने से पहले ही देशभर में समर्थन जुटाने के लिए गतिविधियां तेज की जाएं इसके तहत 11 से 13 अप्रैल के बीच देश के 100 प्रमुख शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी। बड़े शहरों में दो-दो प्रेस कॉन्फ्रेंस होंगी, जबकि 15 प्रमुख शहरों में टाउन हॉल कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जहां समाज की प्रतिष्ठित महिला हस्तियां अपनी बात रखेंगी। इस अभियान की खास बात यह है कि 100 स्थानों पर होने वाले महिला सम्मेलनों में मंच से लेकर संचालन तक पूरी जिम्मेदारी महिलाओं के हाथों में होगी। इन आयोजनों में केवल महिलाएं ही वक्ता और प्रतिभागी होंगी, जो इसे एक अनूठे शक्ति प्रदर्शन के रूप में प्रस्तुत करेगा। पार्टी ने कार्यक्रमों के सफल संचालन के लिए अलग-अलग राज्यों में जिम्मेदारियां भी तय की हैं। जिन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है, वहां विपक्ष के नेता और केंद्रीय मंत्रियों को कमान सौंपी गई है, जबकि भाजपा शासित राज्यों में स्वयं मुख्यमंत्री इन कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगे। फिलहाल, महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा का यह राष्ट्रव्यापी अभियान सियासी तौर पर काफी अहम माना जा रहा है, जो आने वाले चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

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