पटनाः दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में लैंड फॉर जॉब (नौकरी के बदले जमीन) घोटाले से जुड़े मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव , बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की कार्यवाही टल गई है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कोर्ट से अनुरोध किया कि उन्हें सभी आरोपियों की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के लिए दो दिन का समय दिया जाए।
कोर्ट ने सीबीआई के अनुरोध को स्वीकार करते हुए, मामले में आरोप तय करने की अगली तारीख 10 दिसंबर निर्धारित कर दी है। इस मामले में लालू यादव और तेजस्वी यादव सहित कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। लालू प्रसाद यादव पर यह गंभीर आरोप है कि जब वे 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री थे, तब उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया। आरोप है कि उन्होंने बिना कोई आधिकारिक वैकेंसी निकाले बड़ी संख्या में लोगों को रेलवे में नौकरी दी।
नौकरी के बदले ली गई जमीन लालू यादव ने अपने बेटे, बेटियों (मीसा भारती, हेमा यादव), पत्नी (राबड़ी देवी) और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर ली थी। ये नियुक्तियां हाजीपुर, जबलपुर, मुंबई, कोलकाता और जयपुर मंडल में की गई थीं। सीबीआई ने इस लैंड फॉर जॉब घोटाले में पहली चार्जशीट 18 अक्टूबर, 2022 को दाखिल की थी। इस चार्जशीट में लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, हेमा यादव सहित कुल 16 लोगों के नाम दर्ज हैं।







