The global expansion of the 'Krishna Avataram' trilogy will bring the story of Krishna to the world through cinema and art.

मुंबई: कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर और क्रिएटिवलैंड स्टूडियोज के निर्माता डॉ. साजन राज कुरुप ने ‘कृष्ण अवतारम’ ट्रिलॉजी को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने की घोषणा की है। इस पहल के तहत भगवान कृष्ण की जीवन लीला और उनके संदेश को सिनेमा, संगीत, कला और अन्य आधुनिक माध्यमों के जरिए दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

इस दिशा में वर्ल्ड फोरम फॉर आर्ट एंड कल्चर और क्रिएटिवलैंड स्टूडियोज के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। सहयोग के तहत फिल्म के अलावा लाइव अनुभव, गेम्स, शिक्षा और इमर्सिव माध्यमों के जरिए भारतीय संस्कृति और भगवान कृष्ण की विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने की योजना है।

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‘कृष्णावतारम: पार्ट 1 – हृदयम’ इस ट्रिलॉजी की पहली फिल्म है। भारत में दर्शकों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद अब इसे वैश्विक स्तर पर रिलीज करने की तैयारी की जा रही है। फिल्म हिंदी, तमिल, तेलुगु और अंग्रेजी भाषाओं में भारतीय प्रवासियों समेत दुनियाभर के दर्शकों तक पहुंचाई जाएगी।

गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने कहा कि कृष्ण केवल एक ऐतिहासिक या धार्मिक पात्र नहीं, बल्कि ऐसी दिव्यता का प्रतीक हैं जो मनुष्य को भीतर से आकर्षित करती है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति जीवन और संसार को एक लीला के रूप में अनुभव करता है, तब उसके भीतर कृष्ण का जन्म होता है।

वहीं, निर्माता डॉ. साजन राज कुरुप ने कहा कि गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर के आशीर्वाद से ‘कृष्ण अवतारम’ को भारतीय संस्कृति और विरासत को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का अवसर मिला है। उनका उद्देश्य इस परियोजना को सिर्फ एक फिल्म तक सीमित न रखते हुए सिनेमा, कला और भारतीय विरासत के उत्सव के रूप में एक व्यापक वैश्विक सांस्कृतिक आंदोलन का रूप देना है।

‘कृष्णावतारम: पार्ट 1 – हृदयम’ के वैश्विक विस्तार को भारतीय संस्कृति की इस महागाथा को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।