The department has enlisted experts to translate old documents.

पटना। कैथी लिपि में लिखे पुराने दस्तावेजों के अनुवाद को लेकर आम नागरिकों को हो रही परेशानी को देखते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने प्रशिक्षित परामर्शदाताओं को विभाग में सूचीबद्ध कर सभी जिलों को उनकी सेवा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह द्वारा सभी समाहर्ताओं को जारी पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के भूमि सुधार जन कल्याण संवाद के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जिलों में कैथी लिपि के दस्तावेजों का अनुवाद करने वाले विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं। इससे नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पत्र में बताया गया है कि विभागीय स्तर पर दक्षता परीक्षण में उत्तीर्ण 29 परामर्शदाताओं को पाँच दिवसीय विशेष आवासीय प्रशिक्षण दिया गया है। इन प्रशिक्षित कैथी लिपि परामर्शदाताओं की सेवाएं न केवल विभागीय कार्यों के लिए बल्कि आवश्यकता अनुसार सभी जिलों में भी ली जा सकेंगी। इसको देखते हुए सभी को जिलों की जिम्मेवारी सौंपी गई है। इसके साथ ही राज्य के आम नागरिक भी स्वैच्छिक रूप से इन परामर्शदाताओं की सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे।
अनुवाद शुल्क के संबंध में स्पष्ट किया गया है कि भारत सरकार की संस्थाओं में प्रचलित दर के अनुरूप कैथी लिपि से देवनागरी लिपि में अनुवाद के लिए प्रति पृष्ठ 220 रुपये की दर निर्धारित की गई है। यह राशि सेवा लेने वाले संस्थान या आम नागरिक द्वारा सीधे परामर्शदाता को ऑनलाइन माध्यम से भुगतान की जाएगी। नगद भुगतान की अनुमति नहीं होगी।
विभाग ने सभी समाहर्ताओं से अनुरोध किया है कि आवश्यकता अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कैथी लिपि परामर्शदाताओं की सेवाएं लें, जिससे आम जनता को पुराने दस्तावेजों के अनुवाद में सुगमता मिल सके और राजस्व से जुड़े मामलों का निष्पादन अधिक पारदर्शी एवं सरल हो सके। उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य के नागरिकों को पुराने भूमि अभिलेखों और दस्तावेजों के कैथी लिपि में अनुवाद में वर्षों से व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रशिक्षित कैथी लिपि परामर्शदाताओं की सूची तैयार की है, ताकि अब किसी भी नागरिक को परेशानी न हो।
यह व्यवस्था न केवल राजस्व से जुड़े मामलों के निष्पादन को सरल और पारदर्शी बनाएगी, बल्कि आम जनता का प्रशासन पर भरोसा भी मजबूत करेगी। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि भूमि से जुड़े हर मामले में आम नागरिक को समयबद्ध, सुलभ और निष्पक्ष सेवा मिले।
प्रेम

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