पटना: बिहार में नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ है। राज्य की गंगा, कोसी, गंडक, बागमती, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा समेत कई प्रमुख नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
जल संसाधन विभाग की मंगलवार सुबह छह बजे की रिपोर्ट के मुताबिक, पटना के दीघा, गांधी घाट और हाथीदह में गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। गंडक नदी के डुमरिया घाट और हाजीपुर में भी पानी घट रहा है। हालांकि, कोसी, पुनपुन, बूढ़ी गंडक और गंगा के पूर्वी हिस्सों में जलस्तर बढ़ने से चिंता बनी हुई है।
कोसी नदी खगड़िया जिले के बलतारा में खतरे के निशान से 1.30 मीटर ऊपर बह रही है और यहां जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं, कटिहार के कुर्सेला में कोसी का पानी खतरे के निशान से 1.40 मीटर ऊपर पहुंच गया है। दोनों स्थानों पर जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ाने की जरूरत है।
गंडक नदी गोपालगंज के डुमरिया घाट में खतरे के निशान से 0.53 मीटर और वैशाली के हाजीपुर में 0.02 मीटर ऊपर है। हालांकि, दोनों स्थानों पर जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है।
मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में बागमती नदी 0.25 मीटर ऊपर बह रही है और जलस्तर फिलहाल स्थिर है। वहीं, खगड़िया में बूढ़ी गंडक खतरे के निशान से 1.98 मीटर ऊपर है और यहां पानी बढ़ने की प्रवृत्ति दर्ज की गई है।
कोसी और बूढ़ी गंडक समेत कुछ नदियों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में प्रशासन और जल संसाधन विभाग की निगरानी बनी हुई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थिति पर नजर रखने और सतर्क रहने की जरूरत है।








