भीलवाड़ा: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में मंगलवार को बच्छ बारस का पर्व पारंपरिक श्रद्धा और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। गांवों में महिलाओं ने गोवंश की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
सुबह से ही ग्रामीण क्षेत्रों में पर्व को लेकर उत्साह नजर आया। महिलाएं पारंपरिक परिधान पहनकर पूजा की थालियां सजाकर गाय और उसके बछड़े के पास पहुंचीं। उन्होंने गाय-बछड़े को तिलक लगाया और रोली, अक्षत तथा फूलों की माला अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की।
पूजन के बाद गौमाता को बाजरे की रोटी, अंकुरित चना, मूंग, मोठ और गुड़ का भोग लगाया गया। इसके बाद महिलाओं ने सामूहिक रूप से बच्छ बारस से जुड़ी व्रत कथाएं और लोककथाएं सुनीं। इस दौरान गोवंश के संरक्षण, गोसेवा और जीवों के प्रति दया का संदेश भी दिया गया।
पर्व की परंपरा के अनुसार व्रत रखने वाली महिलाओं ने चाकू से काटी गई वस्तुओं का सेवन नहीं किया। साथ ही गेहूं और गाय के दूध से बने खाद्य पदार्थों से भी परहेज रखा। गांवों में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा।








