भागलपुर: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद लोगों को हो रही परेशानी अब काफी हद तक कम होने वाली है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा तैयार किए गए चार बेली ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है और आज से इस पर वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया गया है। आवागमन शुरू होने से पहले शुक्रवार को बेली ब्रिज का सफल ट्रायल किया गया। ट्रायल के दौरान भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी स्वयं मौके पर मौजूद रहे और पूरी व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। उनके साथ सदर अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार, सिटी डीएसपी अजय चौधरी, पुल निर्माण निगम तथा पथ निर्माण विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।
जिलाधिकारी ने बताया कि ट्रायल पूरी तरह सफल रहा है और सभी तकनीकी मानकों की जांच के बाद पुल को यातायात के लिए तैयार पाया गया है। इसके बाद आज से वाहनों के परिचालन की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि पुल पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासन के अनुसार, बेली ब्रिज से अधिकतम 10 टन क्षमता तक के मालवाहक वाहनों का परिचालन किया जा सकेगा। वहीं, यातायात को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए पुल पर वन-वे सिस्टम लागू किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से वाहनों की आवाजाही सुचारू बनी रहेगी और जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
बेली ब्रिज पर सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई है। पुल पर पुलिस पिकेट की तैनाती की गई है, जबकि कई महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से यातायात नियमों के पालन पर नजर रखी जाएगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी या अव्यवस्था होने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। विक्रमशिला सेतु में आई तकनीकी समस्या के बाद भागलपुर, कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा था। बेली ब्रिज पर आवागमन शुरू होने के बाद इन क्षेत्रों के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था स्थायी समाधान होने तक क्षेत्र की यातायात जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।







