Home बिहार ऑक्सफोर्ड से जुड़ेगा मिथिला संस्कृत शोध संस्थान, बिहार सरकार की ऐतिहासिक मंजूरी

ऑक्सफोर्ड से जुड़ेगा मिथिला संस्कृत शोध संस्थान, बिहार सरकार की ऐतिहासिक मंजूरी

12
0
Mithila Sanskrit Research Institute to link with Oxford; historic approval by Bihar government.

पटना: जनता दल यूनाइटेड के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय झा ने कहा कि बिहार सरकार ने मिथिला संस्कृत शोध संस्थान, दरभंगा और इंग्लैंड स्थित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ऑक्सफोर्ड संस्कृत टेक्स्ट सोसाइटी के बीच संस्थागत सहयोग के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी है। उन्होंने इसे मिथिला और ऑक्सफोर्ड के बीच ज्ञान की ऐतिहासिक साझेदारी की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। संजय झा ने कहा कि बिहार सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने मिथिला संस्कृत शोध संस्थान, दरभंगा के साथ संस्थागत सहयोग के लिए ऑक्सफोर्ड संस्कृत टेक्स्ट सोसाइटी से मिले प्रस्ताव का स्वागत करते हुए औपचारिक सहमति प्रदान कर दी है। उनके अनुसार यह फैसला बिहार की शैक्षणिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा। संजय झा ने बताया कि उन्होंने 7 जुलाई को पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर मिथिला संस्कृत शोध संस्थान और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ऑक्सफोर्ड संस्कृत टेक्स्ट सोसाइटी के बीच संस्थागत करार का अनुरोध किया था।

इस दौरान उन्होंने करार के महत्व की विस्तृत जानकारी दी और ऑक्सफोर्ड संस्कृत टेक्स्ट सोसाइटी से प्राप्त औपचारिक प्रस्ताव की प्रति भी मुख्यमंत्री को सौंपी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव की सराहना करते हुए उसी समय उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। संजय झा ने विश्वास जताया कि यह अंतरराष्ट्रीय संस्थागत करार मिथिला समेत पूरे बिहार की बौद्धिक विरासत को पुनर्जीवित करने और उसे वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे मिथिला संस्कृत शोध संस्थान, दरभंगा में संरक्षित हजारों प्राचीन और दुर्लभ पांडुलिपियों का वैज्ञानिक सूचीकरण, डिजिटलीकरण, शोध तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समालोचनात्मक संस्करणों का प्रकाशन संभव हो सकेगा।

GNSU Admission Open 2026

साथ ही संस्थान को फिर से ज्ञान के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने और बिहार के शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं, फेलोशिप तथा प्रशिक्षण से जुड़ने के नए अवसर मिलेंगे। संजय झा ने कहा कि यह करार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ को भी नई मजबूती प्रदान करेगा। उनका कहना है कि इस पहल से भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृत साहित्य के संरक्षण एवं वैश्विक प्रसार को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि इससे पहले जनवरी 2025 में ‘प्रगति यात्रा’ के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा के अनुरूप फरवरी 2025 में राज्य मंत्रिमंडल ने मिथिला संस्कृत शोध संस्थान, दरभंगा के जीर्णोद्धार और पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए करीब 57 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी थी। इस योजना के तहत वर्तमान में कार्य जारी है।