
सासाराम (रोहतास)। बिहार में चरमराती शिक्षा व्यवस्था और निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ शुक्रवार को रोहतास जिले में आक्रोश मार्च निकाला गया। भाकपा माले के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शहर की सड़कों पर उतरकर केंद्र और राज्य सरकार की शिक्षा नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान बाइक रैली के साथ-साथ बड़ी संख्या में लोगों ने पैदल मार्च कर अपना विरोध दर्ज कराया।
आक्रोश मार्च का नेतृत्व कर रहे भाकपा माले के नेता अशोक बैठा ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आज शिक्षा को पूरी तरह से व्यापार बना दिया गया है। उन्होंने निजी स्कूलों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निजी स्कूल शिक्षा के नाम पर अभिभावकों से मोटी रकम वसूल रहे हैं। कमीशन के चक्कर में हर साल किताबें और कॉपियां बदली जाती हैं, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का शोषण हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक देश में ‘एक समान शिक्षा नीति’ लागू नहीं होगी, तब तक गरीबों के बच्चों को न्याय नहीं मिलेगा।
आज बिहार की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अगर सरकार जल्द ही एक समान शिक्षा प्रणाली लागू नहीं करती है, तो रोहतास से शुरू हुआ यह आगाज पूरे देश में एक बड़े आंदोलन का रूप लेगा।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिहार में शिक्षा अब सेवा नहीं बल्कि एक संगठित धंधा बन चुका है। एक तरफ सरकारी स्कूलों की स्थिति दयनीय है, वहीं दूसरी तरफ निजी संस्थान गरीब परिवारों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। लगातार हो रहे शिक्षा घोटालों ने इस व्यवस्था की नींव हिला दी है। इस मार्च में भारी संख्या में स्थानीय युवा और अभिभावक भी शामिल हुए, जिन्होंने बदलाव की मांग को लेकर आवाज बुलंद की।






