Home बिहार स्वास्थ्य और कृषि मंत्री के आवास बदले, चर्चा तेज

स्वास्थ्य और कृषि मंत्री के आवास बदले, चर्चा तेज

17
0
Residences of Health and Agriculture Ministers changed; speculation intensifies.

पटना: बिहार में चल रहे बंगला विवाद के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सरकार ने अपने मंत्रिमंडल के दो सबसे सीनियर मंत्रियों के सरकारी आवासों में बड़ा फेरबदल किया है। नए सरकारी आदेश के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और कृषि मंत्री राम कृपाल यादव को पटना के सबसे हाई-प्रोफाइल वीवीआईपी बंगले आवंटित किए गए हैं। इस बदलाव के बाद दोनों मंत्रियों का पटना स्थित नया पता  बदल गया है। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार अब पटना के बेहद वीवीआईपी और चर्चित 5 देशरत्न मार्ग स्थित आलीशान बंगले में शिफ्ट होने जा रहे हैं। सरकार ने यह बंगला उनके नाम अलॉट कर दिया है। पटना का 5 देशरत्न मार्ग वाला यह आवास आमतौर पर राज्य के उपमुख्यमंत्री के लिए ही आरक्षित माना जाता रहा है।

यह वही बंगला है, जो वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास उस वक्त था, जब वह नीतीश कुमार की कैबिनेट में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। बिहार में सत्ता परिवर्तन और मुख्यमंत्री की कमान संभालने के बाद सम्राट चौधरी ने इस बंगले को खाली कर दिया था। नई सम्राट सरकार के गठन के बाद बिहार के दोनों मौजूदा उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इस बंगले में रहने से इनकार कर दिया था। काफी समय से खाली पड़े इस बेहद वीवीआईपी बंगले की चाबी अब स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को सौंप दी गई है। बंगलों की इस बड़ी अदला-बदली में बिहार के वरिष्ठ नेता और कृषि मंत्री राम कृपाल यादव को भी नया वीवीआईपी आशियाना मिला है। सरकार ने उन्हें 2 देशरत्न मार्ग वाला बंगला अलॉट किया है। इस बंगले का समीकरण भी काफी दिलचस्प है।

GNSU Admission Open 2026

राम कृपाल यादव को मिलने से ठीक पहले 2 देशरत्न मार्ग का यह बंगला बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के नाम पर आवंटित था। चूंकि स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार अब 5 देशरत्न मार्ग वाले बड़े बंगले में शिफ्ट हो रहे हैं, इसलिए उनके खाली हो रहे पुराने बंगले को अब कृषि मंत्री राम कृपाल यादव के नाम ट्रांसफर कर दिया गया है। बिहार की राजनीति में सरकारी बंगलों को लेकर अक्सर खींचतान और बयानबाजी देखने को मिलती रही है। ऐसे में दो वरिष्ठ मंत्रियों को देशरत्न मार्ग जैसे वीवीआईपी इलाके में बड़े बंगले अलॉट करना सरकार के भीतर समीकरणों को संतुलित करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से 5 देशरत्न मार्ग वाले बंगले को, जिसे दोनों उपमुख्यमंत्री ने लेने से मना कर दिया था, उसे स्वास्थ्य मंत्री को देकर सरकार ने इस खाली पड़े वीवीआईपी स्पेस का विवाद पूरी तरह से सुलझा लिया है।