रांची: झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के चौथे दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने सदन के बीच में आकर जोरदार हंगामा किया जिसके कारण सभा की कार्यवाही 12:00 बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई। जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए।
दोनों पक्षों के विधायक वेल में पहुंचकर एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही करीब 10 मिनट भी सुचारू रूप से नहीं चल सकी।
सदन की बैठक शुरू होते ही विधायक प्रदीप यादव ने छात्रों के आंदोलन का मुद्दा उठाते हुए अपनी बात रखनी शुरू की। उन्होंने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार छात्रों के प्रति संवेदनशील है और इस मामले में अपना काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार की ओर से उनके आने-जाने की व्यवस्था भी की गई है।
श्री यादव के बयान के दौरान ही भाजपा विधायक हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायक भी वेल में पहुंच गए और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। देखते ही देखते दोनों पक्षों के विधायक एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे।
हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने दोनों पक्षों के विधायकों को समझाने और अपनी-अपनी सीट पर लौटने की अपील की। अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने का प्रयास किया, लेकिन दोनों पक्षों के विधायक अपनी मांगों पर अड़े रहे और वेल में नारेबाजी जारी रही। बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने सभा की कार्यवाही 12:00 बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दी।







