रामगढ़। सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बीच मेहनत और लगन की मिसाल पेश करते हुए सत्येंद्र कुमार ने जैक 10वीं बोर्ड परीक्षा में रामगढ़ जिले में तीसरा स्थान हासिल किया है। डिवाइन ओंकार मिशन हाई स्कूल, मुर्रामकलां (टायर मोड़) के छात्र सत्येंद्र को कुल 480 अंक प्राप्त हुए हैं। उन्होंने गणित में 100, विज्ञान में 97, खोरठा में 98, सामाजिक विज्ञान में 96 और हिंदी में 89 अंक हासिल कर शानदार प्रदर्शन किया। सत्येंद्र रामगढ़ जिले के दुलमी प्रखंड अंतर्गत जमीरा पंचायत के लीचिंग गांव के निवासी हैं। उनके पिता रामसुंदर साव ठेले पर आइसक्रीम बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि माता तीलो देवी गृहिणी हैं। तीन भाई-बहनों में सत्येंद्र दूसरे स्थान पर हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनके पिता ने उन्हें बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए दुलमी से रामगढ़ पढ़ने भेजा। सत्येंद्र की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और अनुशासन है। वह रोज सुबह तीन बजे उठकर पढ़ाई करते थे। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय स्कूल के गणित शिक्षक चितरंजन और अन्य शिक्षकों को दिया, जिन्होंने उन्हें लगातार मार्गदर्शन दिया। परिणाम घोषित होने के बाद स्कूल और गांव में बधाइयों का तांता लग गया। सत्येंद्र ने बताया कि उन्होंने झारखंड सरकार की आकांक्षा इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा भी दी है, जिसमें उनका 10वां स्थान आया है। अब दूसरे चरण की परीक्षा के बाद अंतिम चयन होगा। चयनित होने पर उन्हें इंजीनियरिंग की कोचिंग और 12वीं तक की पढ़ाई राज्य सरकार के खर्च पर मिलेगी। सत्येंद्र का सपना आईआईटी से पढ़ाई कर मैकेनिकल इंजीनियर बनना है। उनका कहना है कि विज्ञान और मशीनों के प्रति उनकी विशेष रुचि है और भविष्य में वे तकनीकी क्षेत्र में कुछ नया करने की इच्छा रखते हैं।







