गढ़वा। झारखंड के गढ़वा जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए उपायुक्त अनन्य मित्तल ने श्री बंशीधरनगर में औचक निरीक्षण कर अधिकारियों की कार्यशैली की समीक्षा की। इस दौरान नगर पंचायत, प्रखंड, अंचल और अनुमंडल कार्यालयों का जायजा लिया गया और लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताई गई। निरीक्षण की शुरुआत नगर पंचायत कार्यालय से हुई, जहां सबसे बड़ी लापरवाही सामने आई। उपायुक्त के पहुंचने से पहले सूचना होने के बावजूद कार्यपालक पदाधिकारी कार्यालय से अनुपस्थित पाए गए। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब करने का निर्देश दिया। इसके बाद अंचल कार्यालय के निरीक्षण के दौरान भूमि संबंधी लंबित मामलों पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) जैसे मामलों में आम लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए और लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर जल्द निपटारा किया जाए। साथ ही ‘राइट टू सर्विस एक्ट’ का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा। अनुमंडल कार्यालय में निरीक्षण के दौरान शौचालय की खराब स्थिति पर भी उपायुक्त ने असंतोष जताया। उन्होंने नगर पंचायत के साथ समन्वय स्थापित कर जल्द सार्वजनिक शौचालय निर्माण का निर्देश दिया। इसके अलावा जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को पारदर्शी और जांच आधारित बनाने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों और कर्मियों को स्पष्ट संदेश दिया कि प्रशासन का उद्देश्य आम जनता को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कार्यालयों में साफ-सफाई बनाए रखने और फाइलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष ध्यान देने को कहा। इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर मिर्धा, बीडीओ रोशन कुमार, अंचल अधिकारी विकास कुमार सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।







