सरायकेला-खरसावां। Seraikela Kharsawan जिले के गोबिंदपुर पंचायत अंतर्गत डांडु गांव में पारंपरिक लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली, जहां ओम श्री डांडु पाट छऊ नृत्य कमेटी की ओर से भव्य छऊ नृत्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया और बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंचे। कार्यक्रम में पोटका प्रखंड के राजाबासा के प्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। छऊ नृत्य की शुरुआत पारंपरिक गणेश वंदना से हुई, जिसके बाद कलाकारों ने महिषासुर वध, हर-पार्वती, कृष्ण लीला, जरासंध और सिदो-कान्हू जैसे पौराणिक एवं ऐतिहासिक प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। रंग-बिरंगे परिधानों और आकर्षक मुखौटों के साथ कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया। छऊ नृत्य की हर प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से आए दर्शकों ने भी इस लोकनृत्य का भरपूर आनंद उठाया। कार्यक्रम के दौरान पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। मौके पर ग्राम पुजारी सह पूर्व मुखिया राजाराम सरदार ने बताया कि डांडु नायसाई में ग्राम देवी पूजा की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। वर्ष 1971 से इस अवसर पर खरसावां शैली के छऊ नृत्य का आयोजन लगातार किया जा रहा है, जो अब इस क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल परंपराओं को जीवित रखने में मदद मिलती है, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का भी अवसर मिलता है।







