दरभंगा: दरभंगा एयरपोर्ट पर सोमवार को दो विमानों में आई तकनीकी खराबी के कारण उड़ान संचालन प्रभावित हो गया। एक विमान का टायर फटने और दूसरे विमान में तकनीकी दिक्कत आने से एयरपोर्ट पर पार्किंग की समस्या उत्पन्न हो गई। इसके चलते दिल्ली से दरभंगा आ रही इंडिगो की फ्लाइट को करीब 20 मिनट तक हवा में चक्कर लगाने पड़े और बाद में उसे पटना एयरपोर्ट पर डायवर्ट कर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। स्थिति सामान्य होने के बाद विमान को दरभंगा भेजा गया। जानकारी के अनुसार, इंडिगो की फ्लाइट 6E-360 दिल्ली से यात्रियों को लेकर दरभंगा के लिए रवाना हुई थी। विमान को दोपहर करीब 2:42 बजे दरभंगा एयरपोर्ट पर उतरना था, लेकिन पार्किंग उपलब्ध नहीं होने के कारण विमान को करीब 20 मिनट तक हवा में होल्ड करना पड़ा। इसके बाद सुरक्षा कारणों से विमान को पटना एयरपोर्ट पर डायवर्ट कर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
करीब 30 मिनट तक पटना एयरपोर्ट पर रुकने के बाद विमान शाम चार बजे दोबारा रवाना हुआ और लगभग 4:34 बजे दरभंगा पहुंचा। इसके बाद दिल्ली जाने वाले यात्रियों को लेकर उड़ान भर सकी। इधर, मुंबई से दरभंगा पहुंची अकासा एयर की फ्लाइट में लैंडिंग के बाद तकनीकी खराबी आ गई। एयरलाइन के इंजीनियरों ने काफी प्रयास किया, लेकिन विमान को उड़ान के लिए सुरक्षित नहीं माना गया। इसके चलते दरभंगा से मुंबई जाने वाली उड़ान रद्द करनी पड़ी। एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों के ठहरने के लिए होटल की व्यवस्था की है। कंपनी के अनुसार, सभी यात्रियों को मंगलवार को दूसरे विमान से मुंबई भेजा जाएगा। दरअसल, पूरे घटनाक्रम की शुरुआत सुबह हुई, जब मुंबई से दरभंगा पहुंची स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-115 की लैंडिंग के दौरान एक टायर फट गया।
पायलट की सूझबूझ से विमान सुरक्षित उतर गया और सभी 150 यात्री सुरक्षित रहे। विमान का नया टायर दिल्ली से मंगवाया गया। मरम्मत के बाद देर शाम विमान मुंबई के लिए रवाना हो सका। हालांकि, तब तक एयरपोर्ट पर पार्किंग की समस्या बनी रही, जिससे अन्य उड़ानों का संचालन भी प्रभावित हुआ। इंडिगो की फ्लाइट के पटना डायवर्ट होने की सूचना मिलने के बाद दरभंगा से दिल्ली जाने वाले यात्रियों में चिंता बढ़ गई। कई यात्रियों ने एयरपोर्ट अधिकारियों से जल्द विमान मंगाने की मांग की। विमान के दरभंगा पहुंचने के बाद ही यात्रियों ने राहत की सांस ली। तकनीकी कारणों और पार्किंग की समस्या के चलते सोमवार को दरभंगा एयरपोर्ट से संचालित कई उड़ानें निर्धारित समय से पहले या बाद में संचालित हुईं। कुछ उड़ानों में देरी हुई तो कुछ को निर्धारित समय से पहले उतारा गया। पूरे दिन एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन प्रभावित रहा।







