पटना: नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के बाद अब बिहार में भी गंडक नदी को लेकर चिंता बढ़ गई है। नेपाल से छोड़ा गया पानी गंडक नदी के रास्ते बिहार की ओर बढ़ रहा है, जिसके चलते नदी किनारे बसे इलाकों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
नेपाल के रुसुवा जिले में भारी बारिश और बाढ़ के कारण हालात बिगड़ने के बाद गंडक नदी में पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, रात 12 बजे तक बैराज से करीब 1.52 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सुबह 6 बजे तक करीब 88 हजार क्यूसेक और सुबह 7 बजे लगभग 92,900 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है।
जलस्तर बढ़ने के साथ गंडक नदी में करीब 3 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा नदी का पानी आसपास के निचले इलाकों में फैलने का खतरा भी बना हुआ है।
स्थिति को देखते हुए बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। गंडक के किनारे बसे गांवों पर प्रशासन की नजर है और लोगों को नदी के पास नहीं जाने की सलाह दी गई है।
हालांकि, फिलहाल गंडक बैराज की सुरक्षा को लेकर तत्काल खतरे की कोई बात सामने नहीं आई है। बताया गया है कि बैराज को करीब 8.5 लाख क्यूसेक पानी के दबाव को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। चिंता मुख्य रूप से नदी के तेज बहाव और आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को लेकर है।
नेपाल सीमा पर भी एहतियात बढ़ा दी गई है। प्रशासन की ओर से आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है और स्थिति के अनुसार लोगों को सुरक्षित तरीके से आवागमन की अनुमति दी जा रही है।
नेपाल में आई बाढ़ का असर अब बिहार की गंडक नदी पर साफ दिखाई देने लगा है। आने वाले घंटों में नदी का जलस्तर और पानी का दबाव कितना बढ़ता है, इस पर प्रशासन और स्थानीय लोगों की लगातार नजर बनी हुई है।







