अररिया: अररिया जिले में भूमि अभिलेखों में कथित फर्जीवाड़े और पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जे के प्रयास का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। फुलकाहा थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव निवासी किसान बैद्यनाथ बहरदार की शिकायत पर पुलिस ने पूर्व अंचलाधिकारी (सीओ) सहित 55 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उनकी पुश्तैनी जमीन से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड में बिना वैधानिक अनुमति के बदलाव किए गए। किसान का दावा है कि लगभग 2 एकड़ 26 डिसमिल भूमि की ऑनलाइन जमाबंदी और खेसरा संबंधी विवरण में कथित रूप से छेड़छाड़ कर अन्य लोगों के नाम दर्ज कर दिए गए। आरोप है कि यह कार्य बिना किसी न्यायालयीय आदेश या सक्षम प्रशासनिक स्वीकृति के किया गया।
पीड़ित किसान का कहना है कि उन्होंने इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ी और न्यायालय से अपने पक्ष में आदेश भी प्राप्त किया। इसके बावजूद जमीन विवाद समाप्त नहीं हुआ और कथित रूप से कुछ लोगों ने खेत पर पहुंचकर कब्जा करने का प्रयास किया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खेत की जुताई कर फसल को नुकसान पहुंचाया गया तथा विरोध करने पर धमकियां भी दी गईं।
मामले में तत्कालीन सीओ, वर्तमान राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों सहित कुल 55 लोगों को नामजद किया गया है। शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में भूमि अभिलेख, न्यायालय के आदेश, जमाबंदी रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज पुलिस को सौंपे हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, भूमि रिकॉर्ड में कथित बदलाव, डिजिटल हस्ताक्षरों के उपयोग, सरकारी दस्तावेजों की वैधता और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
इस घटना ने जिले में ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल जांच जारी है और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।







