पटना: कांग्रेस ने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार के खिलाफ ‘चार्जशीट’ पेश की है। इस पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस पर पाखंड करने का आरोप लगाया है और उसे उसके भ्रष्टाचार और कुशासन से भरे छह दशक से अधिक के दागी इतिहास की याद दिलाई है। नकवी ने कहा है कि अगर कांग्रेस ‘चार्जशीट’ पेश करती है, तो लोग कांग्रेस के अपने इतिहास के बारे में बात करेंगे, जो भ्रष्टाचार और कुशासन से भरा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस का कम से कम साठ साल का ट्रैक रिकॉर्ड दागदार है और अगर सच्चाई सामने आई तो वह दूर-दूर तक फैलेगी। कांग्रेस ने सत्तारूढ़ एनडीए पर बिहार में अपने 20 साल के शासन के दौरान विनाश करने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस ने अपने दस्तावेज में दावा किया है कि बिहार में भ्रष्टाचार चरम पर है और स्वास्थ्य व शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में गिरावट आई है। विपक्षी दल ने सामाजिक न्याय और जातिगत सर्वेक्षणों के तरीकों की भी आलोचना की है। इन आरोपों को खारिज करते हुए मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कांग्रेस की ओर से पेश की गई कुशासन, भ्रष्टाचार, भ्रम और साजिश की ‘चार्जशीट’ को कोई भी स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि मनगढ़ंत कहानियों और भ्रामक दस्तावेजों के साथ सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुंचा जा सकता। उन्होंने कहा कि आज बिहार सहित पूरे देश में माहौल सकारात्मक और रचनात्मक है। इस अवधि के दौरान हुए हर चुनाव में भाजपा और एनडीए को लगातार जनता का समर्थन मिला है और इसने अपनी सफलता दोहराई है। इसके विपरीत कांग्रेस और उसके सहयोगी लगातार हार का सामना कर रहे हैं और फिर से जनादेश मांगते हैं।
नकवी ने कहा कि ये “निष्क्रिय खिलाड़ी” एक “फिक्स मैच” में भी हार जाएंगे। बीजेपी नेता ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की हालिया टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। बनर्जी ने आरोप लगाया था कि बीजेपी ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ के नाम पर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लाने की कोशिश कर रही है और मतदाता सूची से नाम हटाने का प्रयास कर रही है। नकवी ने कहा कि चाहे वह ममता बनर्जी हों, कांग्रेस हो या अन्य, उन्हें काल्पनिक भ्रम की इस आपराधिक साजिश से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए), फिर एनआरसी, और अब कुछ और। इस तरह का भ्रम एक के बाद एक पैदा किया जाता है, जिसमें निराधार दावे किए जाते हैं कि लोगों की नागरिकता या मतदान के अधिकार छीन लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह सब खर्च हो चुकी बंदूक और कारतूस की तरह हो गया है। ये साजिशें गुब्बारों की तरह फूलती हैं और अंततः फट जाती हैं। नकवी ने कहा कि अब समय आ गया है कि वे जनता को गुमराह करना बंद करें।







