पटना: बिहार सरकार की पहल से पंचायत सरकार भवन अब केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के सशक्त केंद्र के रूप में भी उभर रहे हैं। इन भवनों में स्थापित सार्वजनिक पुस्तकालय गांवों के विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। मुंगेर जिले के टेटिया बंबर प्रखंड की भुना पंचायत के निवासी आदित्य राज पहले पढ़ाई के लिए अपने गांव से करीब छह किलोमीटर दूर स्थित लाइब्रेरी जाया करते थे। रोजाना आने-जाने में न केवल काफी समय लगता था, बल्कि यात्रा पर अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ता था। अब यह परेशानी खत्म हो गई है। बिहार सरकार द्वारा पंचायत सरकार भवन में संचालित पुस्तकालय की सुविधा उनके अपने गांव में ही उपलब्ध है, जिससे वे नियमित रूप से अध्ययन कर रहे हैं।
सिर्फ आदित्य ही नहीं, भुना पंचायत के अनेक छात्र-छात्राएं अब पंचायत सरकार भवन स्थित पुस्तकालय में पढ़ाई कर अपने सपनों को नई उड़ान दे रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से लेकर नियमित अध्ययन तक, यह पुस्तकालय ग्रामीण युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक केंद्र बन चुका है। गौरतलब है कि बिहार के पंचायती राज विभाग के तहत बिहार सरकार राज्य की हर पंचायत में मिनी सचिवालय के रूप में पंचायत सरकार भवन का निर्माण करा रही है, जहाँ मुखिया, पंचायत सचिव और अन्य कर्मचारी एक ही छत के नीचे बैठकर जाति, आय व आवासीय प्रमाण पत्र जैसी जन सेवाएं प्रदान करते हैं।
बिहार सरकार की दूरदर्शी पहल के तहत ग्राम पंचायतों में निर्मित पंचायत सरकार भवन अब केवल प्रशासनिक गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण शिक्षा के सशक्त केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और पठन-पाठन को बढ़ावा देने के लिए सभी पंचायत सरकार भवनों में एक कमरे को सार्वजनिक पुस्तकालय (लाइब्रेरी) के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन लाइब्रेरियों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विद्यार्थियों और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शांत वातावरण और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना है।
सरकार के इस कदम से छात्रों के समय और धन की बचत हो रही है, वहीं शिक्षा के प्रति उनका उत्साह, आत्मविश्वास और सफलता की संभावनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में यह पहल विद्यार्थियों के लिए नई उम्मीद और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित हो रही है।
भुना पंचायत के छात्र सचिन कुमार ने बताया कि वह प्रतिदिन सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक पुस्तकालय में अध्ययन करते हैं। उन्होंने कहा कि गांव के छात्रों के लिए यह बेहतर व्यवस्था है, क्योंकि अब पढ़ाई के लिए शहर नहीं जाना पड़ता। एक अन्य छात्र मोहित राज ने कहा कि पंचायत सरकार भवन में पुस्तकालय बनने से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आसान हो गई है। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकों के अलावा साहित्य की किताबें भी उपलब्ध हैं तथा पेयजल और बिजली जैसी सुविधाएं भी हैं।







