
सासाराम: नागपंचमी के अवसर पर सासाराम विधानसभा क्षेत्र में भव्य मेला और दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पारंपरिक कुश्ती प्रतियोगिता का उद्घाटन स्थानीय विधायक स्नेहलता कुशवाहा ने किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, आयोजक समिति के सदस्यों और बड़ी संख्या में कुश्ती प्रेमियों ने हिस्सा लिया। अखाड़े का उद्घाटन करने के बाद विधायक स्नेहलता कुशवाहा ने कहा कि नागपंचमी के मौके पर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मेला और दंगल आयोजित करने की पुरानी परंपरा रही है। उन्होंने दंगल में बच्चों से लेकर अनुभवी पहलवानों और महिला पहलवानों की भागीदारी पर खुशी जताई।
विधायक ने कहा कि अखाड़ा महज कुश्ती का मैदान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में लोग फिटनेस के लिए जिम का रुख कर रहे हैं, लेकिन मिट्टी के अखाड़े में अभ्यास का अपना अलग महत्व है। कुश्ती से शरीर को मजबूती मिलने के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और मानसिक दृढ़ता भी विकसित होती है।
स्नेहलता कुशवाहा ने दंगल में महिला पहलवानों की बढ़ती भागीदारी को बेटियों की प्रगति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि बेटियां आज खेल समेत हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।विधायक ने युवाओं और बच्चों से पारंपरिक खेलों से जुड़ने और नियमित रूप से खेलकूद में हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से नई पीढ़ी को स्वस्थ और अनुशासित जीवन के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से भी जोड़ा जा सकता है।






